फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले दिन दस वकीलों का अनशन

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Karnal
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट बलदेव राणा के खिलाफ बार संघ के वकीलों ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने संघ के अध्यक्ष बलदेव राणा की गिरफ्तारी नहीं करने के विरोध में सांकेतिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन के पहले दिन बार संघ के दस वकील सांकेतिक अनशन पर रहे। वकीलों ने धमकी दी कि उनकी मांग नहीं मानी जाने तक हर दिन दस वकील सांकेतिक अनशन पर रहेंगे।
विज्ञापन


पहले दिन यह लोग रहे अनशन पर
पहले दिन अनशन पर जाने वाले वकीलों में जेपी शेखपुरा, सुरेश चौधरी, प्रवीन कुमार, राजबीर, चांदबीर, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पहल, शमशेर सिंह नैन, जयपाल कश्यप, जगमाल सिंह, पूर्व प्रधान कंवर प्रीत सिंह, मनीष लाठर, देवेंद्र सिंह संधू, पवन कुमार सैनी, सुरेंद्र कुमार सिवाच, बजिंद्र मलिक, अमर सिंह राणा, भूपिंद्र गुंबर, कमलदीप राणा, राजेश कुमार मैहला, राजबीर कादियान, शेखर मुंजाल समेत काफी वकील शामिल रहे।

मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी
इन वकीलों ने कहा कि अनशन के पहले दिन सभी वकीलों में इस बात को लेकर जोश है और प्रधान के खिलाफ रोष है। कुछ वकीलों को छोड़ कर सभी वकील इस मुद्दे पर प्रधान के खिलाफ एक है। वह लोग केवल बार का पूरा हिसाब साफ करना चाहते हैं। उन लोगों की मंशा प्रधान के खिलाफ मामला दर्ज कराने की नहीं थी। इस मामले को लेकर बनाई गई कमेटी ने प्रधान को रुपया जमा कराने के लिए समय भी दिया था। प्रधान ने अभी आधा पैसा ही जमा कराया। बाकी का पैसा जमा नहीं कराया। हिसाब के अनुसार पूरा मामला साफ होना चाहिए था। प्रधान ने पैसा जमा नहीं कराया तो वह लोग कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।
विज्ञापन


यह था मामला
पिछले कई महीने पूर्व प्रधान ने बार संघ के दो क्लर्काें पर हेराफेरी का मामला दर्ज कराया था। इस मामले की जांच करने के लिए फाइलें खंगाली गई थी। इन फाइलों में ही वर्तमान प्रधान द्वारा किया गया लाखों रुपये का घोटाला सामने आया। यह बात सामने आई तो पूरा विवाद छिड़ गया। मामला दर्ज भी कराया गया है। इस मामले में प्रधान बलदेव राणा समेत कई वकीलों पर मामला दर्ज हो चुका है।

बलदेव बता चुके हैं खुद को निर्दोष
प्रधान एडवोकेट बलदेव राणा भी पहले ही कह चुके हैं कि वह इस मामले में कतई दोषी नहीं है, लेकिन कुछ राजनीति करने वाले वकील उनके खिलाफ पत्ता फेंक कर बड़ा षड़यंत्र कर रहे हैं। अभी तक बनाई गई वकीलों की किसी भी कमेटी को वह नहीं मानते हैं। उन्होंने दूसरे खाते में पैसा जमा करा रखा था। इस पैसे को उन्होंने वहां से निकलवा कर संबंधित खाते में जमा करवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें