करनाल। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर स्टपनी बम से हुए हमले के मामले में हाईकोर्ट ने करनाल की कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले पर रोक लगाते हुए चार आरोपियों को जमानत दे दी। आदेश में कहा गया है कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता तब तक निचली अदालत के फैसले पर स्टे रहेगा।
हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान यह तय करेगी कि निचली अदालत का फैसला सही है या गलत। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में चारों आरोपियों को मौके से न पकड़े जाने का लाभ दिया। दोपहर बाद करनाल की सीजेएम राजन वालिया की कोर्ट से सभी के रिहाई आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के बाद शनिवार को करनाल जेल में बंद धर्मेंद्र उर्फ पिंदा, होशियार सिंह, गुरिंद्र गोयाना व जसवंत सिंह को रिहा कर दिया गया। शाम चार बजे इनकी जेल से रिहाई हुई।
यह है मामला
दो फरवरी 2008 को नेशनल हाईवे पर नीलोखेड़ी के गांव मूनक माजरा के समीप डेरा सच्चा सौदा संत राम रहीम के काफिले पर स्टपनी बम से हमला किया गया था। डेरा प्रमुख उस समय अंबाला कोर्ट में पेशी भुगत कर वापस लौट रहे थे। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए थे। बाद में पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को काबू किया था। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए हमले के मुख्य सूत्रधार बख्शीश सिंह समेत कुल आठ आरोपी काबू किए गए थे। इनमें से पटियाला की एक छात्रा प्रवीण कौर को पहले ही बरी किया जा चुका है। अन्य आरोपियाें की तरफ से हाईकोर्ट में केस दायर किया गया था। शुक्रवार को इनकी जमानत याचिका पर फैसला सुनाया गया और शनिवार को इनके करनाल कोर्ट से रिहाई आदेश जारी हुए। इस पूरे केस की पैरवी कर रहे करनाल के वकील नरेंद्र चीमा व विजय जिंदल के अनुसार अगले सप्ताह महेंद्र व स्वर्ण सिंह की जमानत अर्जी दायर की जाएगी।