- हरियाणा पुलिस अकादमी में दिया गया है खास प्रशिक्षण
- मधुबन एकादमी में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में डीजीपी शत्रुजीत कपूर बोले, उच्च शिक्षित युवाओं के शामिल होने से हरियाणा पुलिस होगी सशक्त
मधुबन/करनाल। पुलिस अकादमी मधुबन में 988 पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। इन कर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए भी खास प्रशिक्षण दिया गया है। रविवार को हरियाणा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने दीक्षांत समारोह में पहुंचकर इन्हें कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।
इनमें 896 प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन तथा 92 का प्रशिक्षण आरटीसी नेवल में 11 सितंबर 2023 को आरंभ हुआ था। इनमें 207 स्नातकोत्तर, 32 व्यावसायिक स्नातकोत्तर, 552 स्नातक, 125 व्यावसायिक स्नातक तथा 72 12वीं पास हैं। डीजीपी ने कहा कि इस बैच को समयानुकूल आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है। जिसमें नए कानून के साथ-साथ साइबर अपराध रोकने का भी खास प्रशिक्षण शामिल है। डीजीपी ने प्रशिक्षण में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे सिपाही आशीष, अमन और रोहित को सम्मानित किया।
समाज में कानून और व्यवस्था का चेहरा है पुलिस : डीजीपी
डीजीपी ने पुलिस कर्मियों से कहा कि नागरिक के साथ सहानुभूति और समझदारी के साथ व्यवहार करें क्योंकि पुलिस समाज में कानून और व्यवस्था का चेहरा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में शामिल होना केवल एक पेशा नहीं है, यह ईमानदारी, साहस और करुणा के साथ सेवा करने का आह्वान है।
20 प्रतिशत की दर से प्रशिक्षण भत्ते को मिली मंजूरी
डीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस के सभी प्रशिक्षण केन्द्रों में नियुक्त प्रशिक्षक कर्मियों को मूल वेतन का 20 प्रतिशत की दर से प्रशिक्षण भत्ता सरकार की ओर से मंजूर किया गया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ता, राशन भत्ता में वृद्धि, शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को तीन गुना करने, आश्रित महिला को वित्तीय सहायता प्रदान करने, 2019 से अब तक 281 आश्रितों को एक्स ग्रेशिया के तहत नौकरी प्रदान करने, पुलिसकर्मियों को मोबाइल भत्ता प्रदान करने और यात्रा भत्ता मासिक अवधि को 10 से 20 करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर अकादमी के निदेशक डॉ. सीएस राव, अंबाला मंडल के आईजीपी सिबास कविराज, सोनीपत के पुलिस आयुक्त सतेन्द्र गुप्ता, करनाल मंडल एवं हरियाणा सशस्त्र पुलिस के आईजीपी कुलविंदर सिंह, अकादमी के आईजीपी डॉ अरुण सिंह आदि मौजूद रहे।
भावुक हुए परिजन
दीक्षांत समारोह में पुलिस कर्मचारियों के परिजन, माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई व बच्चे भी शामिल हुए। परेड के बाद सभी सिपाही अपने परिजनों से मिले। सभी ने फोटो खिंचवाई। इस दौरान परिजन भावुक भी हुए। किसी के पिता की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए तो किसी की मां की आंखें नम हो गईं। कुछ सिपाहियों के दादा भी कार्यक्रम में आए थे उन्होंने अपने पोते की टोपी पहनकर फोटो खिंचवाई और उन्हें आशीर्वाद दिया।