- ट्रेडिंग और गेमिंग एप के जरिये लोगों के खाते खाली कर रहे ठग
जगदीप
करनाल। साइबर ठग शेयर ट्रेडिंग और गेमिंग एप के जरिये लोगों के खाते को खाली कर रहे हैं। पहले कमाई का लालच दिया जाता है। इसके बाद उसे खाते में ट्रांसफर करने के लिए टैक्स और कमीशन के नाम पर रकम डलवाई जाती है। लालच में आकर लोग लाखों रुपये की गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। अगर इस साल के शुरुआती छह माह की बात की जाए तो करनाल साइबर थाने में 94 केस दर्ज हो चुके हैं, वहीं 89 आरोपी पकड़े गए हैं। अधिकतर में ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश करवा लाभ का झांसा और गेमिंग एप से तुरंत फायदा देने के नाम पर ठगी की है।
धोखाधड़ी करने वाले अपना खुद का ट्रेडिंग एप बनाकर उनके निवेश को दोगुना करने का वादा करके लुभा रहे हैं। जब पीड़ित इस एप पर खुद का नामांकन करके रुपये जमा कर देता है तो ठग उसके मोबाइल फोन में एप पर बढ़ा हुआ बैलेंस दिखाता है। निवेश की गई रकम से कई गुना मुनाफा दिखाया जाता है। जब वह रुपये निकालने की कोशिश करता है, तो भारी भरकम राशि मांग ली जाती है। अगर उनके द्वारा यह पैसा जमा करवा दिया जाता है इसके बाद उन्हें कोई जवाब नहीं मिलता है। बाद में एप बंद हो जाने के बाद उन्हें ठगी का पता लगता है। संवाद
गेमिंग एप के जरिये भी होती है ठगी
करनाल के एक व्यक्ति को टेक्स्ट मैसेज के जरिये गेम का लिंक मिला और उसने खेलना शुरू कर दिया। कुछ राउंड के बाद, उपयोगकर्ता के बैंक खाते में एक छोटी राशि जमा की गई। उसका विश्वास बन गया। लेकिन जैसे-जैसे पीड़ित आगे बढ़ता गया, एप ने चुपचाप उसके फोन के माध्यम से सारी अनुमतियों ले ली। आखिर में जालसाजों ने पीड़ित के खाते से लगभग 50 लाख रुपये निकाल लिए।
चार साल में आए केस
2021 : 50 मामले
2022 : 72 मामले
2023 : 94 मामले
2024 : 140 मामले
2025 (जून तक) : 94 मामले
-
जून 2025 तक 89 आरोपी गिरफ्तार, 93.94 लाख की वसूली
साइबर थाना में जनवरी से जून 2025 तक दर्ज हुए 94 मामलों में पुलिस ने 89 लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें 93.94 लाख रुपये की वसूली की गई है। जबकि 2024 में 140 केस दर्ज हुए थे। 70 गिरफ्तारियां हुई थी और 1.76 करोड़ रुपये की बरामदगी साइबर थाना पुलिस ने की थी। जबकि 2023 में 94 केस और 47 गिरफ्तारियां की गईं और 1.75 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे
-
केस-1
एप डाउनलोड करवाने के नाम पर 9 लाख 16 हजार रुपये ठगे
सीएचडी सिटी वासी विनोद कुमार के साथ 24 जून को पीएनबी बैंक का कर्मचारी बताते हुए व्हाट्सएप पर बैंक की एप भेजी। इंस्टाॅल करने पर पीएनबी के दो खातों से 9 लाख 16 हजार रुपये की ठगी हुई थी।
केस-2
क्रिप्टो करंसी के नाम पर 10 लाख 26 हजार रुपये हड़पे
गांव दादूपुर निवासी आर्यन चौधरी से 28 मई को सोशल मीडिया पर मैसेज करके एक दिन में पांच हजार रुपये तक कमाने का लालच दिया। उसकी सारी जानकारी लेकर एक लॉकेशन दी। वहां जाकर कमेंट करके स्क्रीनशॉट भेजने पर उसे 200 रुपये भेजे गए। इसके बाद टास्क देकर उससे 10 लाख 26 हजार रुपये की ठगी कर ली।
केस-3
शेयर मार्केट में रुपये लगवाकर की धोखाधड़ी
सीतामाई निवासी रामेश्वर दास ने बताया कि 25 अप्रैल को उसको एक ग्रुप में जोड़कर एक लिंक से उसका शेयर मार्केट में खाता खोल दिया गया। उससे इन खातों में अलग-अलग यूपीआई से पैसे डलवाते रहे। पांच लाख 10 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से डलवाए। शेयर मार्केट में रुपये लगवाकर 9 लाख रुपये की ठगी कर ली।
इस साल में अब तक दर्ज मामलों में 89 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जबकि इन आरोपियों से धोखाधड़ी की गई 93.94 लाख रुपये वसूली है। साइबर ठगी से केवल जागरूकता के माध्यम से ही बचा जा सकता है। साइबर थाना की ओर से मुहिम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। लोगों से अपील है किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही व्हाट्सएप और अन्य तरह से आई फाइल को खोलें।
- संजय कुमार, थाना प्रभारी, साइबर क्राइम, करनाल