अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को हर साल विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी कॉफी टेबल बुक में देनी है और इस बुक को हायर एजुकेशन के पास भेजना है।
हायर एजुकेशन ने निर्देश जारी किए हैं कि शैक्षणिक संस्थान को हर साल अपना विजन बताना होगा। संस्थान में क्या सुविधाएं हैं, क्या उपलब्धि है और भविष्य की योजनाएं और प्लानिंग का ब्योरा सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए हर कॉलेज अपनी कॉफी टेबल बुक प्रकाशित करेगा। शिक्षण संस्थानों द्वारा एजुकेशन के सुधार के लिए किए कार्य का उल्लेख फोटोग्राफ सहित करने को कहा है। शिक्षण संस्थान अपनी उपलब्धियों का जिक्र इस कॉफी टेबल बुक के माध्यम से कर सकेंगे। इसका बड़ा लाभ यह होगा कि संस्थान को विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवानी होगी। तभी वे इस कॉफी टेबल बुक योजना में अपना नाम सुनिश्चित करवा सकेंगे।
सरकार की रहेगी सीधी नजर
इस कॉफी टेबल पर सरकार की सीधी नजर रहेगी, जिससे यह पता चलता रहेगा कि शिक्षा स्तर सुधारने के लिए कौन सा विश्वविद्यालय और कॉलेज क्या कर रहा है। इस टेबल से जो कॉलेज विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है उन्हें गंभीर होना पड़ेगा और टेबल में यह बताना होगा कि उन्होंने विद्यार्थियों के लिए क्या किया है, कितनी वर्कशॉप लगाई हैं, खेलकूद में कॉलेज की क्या स्थिति है, कितने सेमिनार आयोजित किए हैं और विद्यार्थियों के लिए क्या योजनाएं बनाई हैं। साथ ही जॉब के लिए क्या प्रयास किए गए हैं।
कॉफी टेबल बुक में ये रिपोर्ट देनी है
- कॉलेज और विवि ने शिक्षा सुधार के लिए क्या किया है।
- कॉलेज और विवि का अपने पुराने स्टूडेंट्स का नेटवर्क कितना है।
- फेकल्टी इंप्रूवमेंट के लिए कॉलेज की ओर से किए गए मुख्य फैसलों की रिपोर्ट।
- कॉलेज और विवि ने किन विषयों में नेशनल, इंटरनेशनल लेवल पर रिसर्च किया है।
- नेशनल इंटरनेशनल लेवल पर किन विषयों पर वर्क शॉप आयोजित की गई।
- विद्यार्थियों की जॉब के लिए क्या प्रयास किए गए हैं।
वर्जन
विभाग की ओर से कॉफी टेबल बुक बनाने के निर्देश मिले थे, जो उन्होंने बनाकर भेज दी है। इससे विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर में सुधार आएगा और विद्यार्थियों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
-डॉ. रामपाल सैनी, प्रिंसिपल, डीएपी पीजी कॉलेज करनाल।