अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा पुलिस के एसआई डॉ. अशोक कुमार वर्मा रक्तदान को समर्पित हैं। इन्होंने 18 वर्ष की आयु में रक्तदान करना आरंभ किया और वे आज लोगों के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। तन मन और धन से इस सेवा में जुटे डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने वर्ष 1990 से रक्तदान का अभियान आरंभ किया था। वे अब तक 26000 से अधिक लोगों को रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने का सौभाग्य प्राप्त कर चुके हैं। स्वयं 120 बार रक्तदान और 54 बार प्लेटलेट्स दान कर चुके डॉ. अशोक कुमार वर्मा एफएसएल मधुबन में नियुक्त हैं। अपने खर्च पर अब तक 195 स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर 9407 यूनिट ब्लड सरकारी अस्पतालों को दे चुके हैं। इसके साथ ही लोगों में सुई के डर को समाप्त करने के लिए उन्हें जागरूक कर रहे हैं। विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में जाकर जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं।
नेत्रदान और शरीर दान का भी संकल्प
मरणोपरांत नेत्रदान व शरीर दान का संकल्प संजोए डॉ. वर्मा ने अपने बड़े भाई जसवंत के नेत्र आज के ही दिन 1 अक्टूबर, 2017 को दान किए थे। इतना ही नहीं नेत्र दान के साथ शरीर दान के लिए जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लाखों विद्यार्थियों को उनके विद्यालय में जाकर जागरूक किया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए 173 साइकिल रैली निकालकर लोगों को साइकिल चलाने के लिए जागरूक कर रहे हैं, ताकि सड़कों पर बढ़ रही गाड़ियों पर नियंत्रण हो सके। साइकिल के आगे और पीछे पौधे रखकर पौधरोपण अभियान चलाए हुए डॉ. अशोक अब तक 13500 पौधे रोपित कर चुके हैं।
46 घायल लोगों को पहुंचाया अस्पताल
सड़क दुघर्टना में 46 घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनके जीवन को बचाने का प्रयास कर चुके हैं। बेटियों को बेटों के समान हक देने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। दहेज न लेने व न देने, जल संरक्षण, हिंदी भाषा के प्रयोग, नशे में ग्रस्त बच्चों का नशा छुड़वाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। सामाजिक मुद्दों पर सैकड़ों लेख लिख चुके डॉ. अशोक कुमार वर्मा देश भक्ति की भावना से ओत-प्रोत है। उनके इन कार्यों में परिवार के लोगों का बहुत योगदान रहता है। डॉ. वर्मा ने कहा कि हर व्यक्ति को चाहिए कि वह जीवन में कम से कम पांच बार रक्तदान जरूर करे।