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कमेटी चौकी पर 23 पुरूष और एक महिला गेस्ट टीचर ने कराया मुंडन

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। संघर्ष समिति हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के नेतृत्व में प्रदेश के गेस्ट टीचर ने हरियाणा के सीएम द्वारा समान काम समान वेतन देने के वादे से पलटने के विरोध में फव्वारा पार्क में इकट्ठे होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 11 फरवरी को मुंडन करवाने वाली मैना यादव के नेतृत्व में सभी गेस्ट टीचर प्रदर्शन करते हुए कमेटी चौक पहुंचे। कमेटी चौक पर बीच बाजार में जाकर संघर्ष समिति के 23 पुरुष और एक महिला गेस्ट टीचर ने मुंडन करवाया। मैना यादव ने कहा कि मुंडन का ये फैसला सरकारी की समान काम समान वेतन देने की वादाखिलाफी से तंग और मजबूर होकर लिया है। तीन महिला गेस्ट टीचर दिल्ली में मुंडन करवाएंगी। जिसकी जगह और तारीख जल्दी ही घोषित होगी। हरियाणा सरकार अगर ये सोचती है कि गेस्ट टीचर के आंदोलन को दबा लेगी तो ये उसकी भूल है। हम अपने रोजगार को नियमित करवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। जिन अध्यापकों ने मुंडन करवाया उनमें पारस शर्मा पलवल, सुखविंद्र बरसाना कैथल, प्रदीप बत्तान करनाल, सुनील डागर झज्जर, राजेश मलिक पानीपत , रामकुमार सैनी कुरुक्षेत्र, इंद्रजीत कैथल, सतीश शर्मा करनाल, इक़बाल सिंह अंबाला, राजीव चंदाखेड़ी पंचकूला, नितिन लांबा यमुनानगर, सुभाष खटाना सिरसा, हरदीप गिलसिरसा, चंद्रहास मेवात, सतीश कुमार फरीदाबाद, रमेश गिल भिवानी, गोपाल शास्त्री अंबाला, राजेश धीमान अंबाला, जगदीप जांगिड़ महेंद्रगढ़, धर्मेंद्र शास्त्री सोनीपत, राधा कृष्ण सिरसा, सुशील कैथल, कर्मबीर जागलान पानीपत व महिला अध्यापक शमी मान पानीपत शामिल हैं।
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17 फरवरी को सीएम ने दिया था आश्वासन
उल्लेखनीय है कि मैना यादव ने 11 फरवरी को करनाल के फव्वारा पार्क में गेस्ट टीचर को नियमित करवाने व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार समान काम समान वेतन दिलवाने के लिए मुंडन करवाया था । जिसके बाद 17 फरवरी को सीएम के साथ सीएम निवास पर संघर्ष समिति के शिष्टमंडल के साथ हुई मीटिंग में गेस्ट टीचर को समान काम समान वेतन देने का वादा किया था। जिसकी फाइल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार करके मुख्य सचिव को 20 अप्रैल को भेजी जा चुकी है। परंतु उसके बाद भी सरकार ने समान काम समान वेतन देने बारे कोई पत्र जारी नहीं किया। जबकि 16 अप्रैल को संघर्ष समिति के शिष्टमंडल के साथ हुई मीटिंग में सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने 29 अप्रैल को सीएम द्वारा गेस्ट की रैली में आकर घोषणा करने की बात कही थी पर बाद में उस से भी सरकार पलट गई, जिसके कारण मैना यादव को मजबूर होकर 29 अप्रैल से 6 मई तक करनाल में आमरण अनशन करना पड़ा था और 6 मई को खुद सीएम ने अपने मीडिया सलाहकार को भेजकर जूस पिलाकर मैना का आमरण अनशन खत्म करवाया था और 24 मई को सीएम के साथ मीटिंग करवाने का संदेश लेकर आये थे और उन्होंने उसी दिन समान काम समान वेतन की मांग को पूरा करने का वादा भी किया था परंतु 24 को कोई मीटिंग नहीं करवाई गई और 29 मई का समय दिया गया। 29 मई को सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने शिष्टमंडल को अपनी कोठी नं 518 पर बुलाकर दुर्व्यवहार किया। जिस से गेस्ट टीचर में भारी रोष है। सुखविंद्र बरसाना ने बताया कि गेस्ट टीचर समान काम समान वेतन की मांग को पूरा करवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है। ये आंदोलन समान काम समान वेतन का पत्र जारी होने के बाद ही समाप्त होगा।
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