मिड डे मील कार्य को पंचायतों को सौंपने पर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की ओर से कर्ण पार्क में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये देने की मांग उठाई गई और मिड डे मील कार्य को पंचायतों को सौंपने का विरोध किया गया। जिला प्रधान शिमला देवी, ब्लाक प्रधान मूर्ति देवी व ब्लाक सचिव सुनीता पांचाल ने कहा कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में यह लिखा था कि सरकार आने पर मिड डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। पक्का नहीं किए जाने तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये दिया जाएगा। अब सरकार मिड डे मील को ही बंद करने का प्रयास कर रही है। पंचायतों को इसका कार्य सौंपने का फैसला सरासर गलत है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि 17 जनवरी की देशव्यापी हड़ताल में मिड डे मील वर्कर बढ़-चढ़ कर शामिल होंगी। इस अवसर पर सीआईटीयू जिला प्रधान कली राम, सचिव जगपाल राणा, जोगा सिंह, हरीश बागी, ओमप्रकाश सिंहमार, अशोक पांचाल, सतपाल सैनी, जगमाल, रानी देवी, शामो, गुरमील कौर, रोशनी, नीलम, मीता, मूर्ति, पूनम, संतोष गोंदर, सुषमा और उषा आदि मौजूद रहे।