करनाल। मेडिकल स्टोर संचालकों को अब दवांए बेचने के लिए अपनी दुकान में लाइसेंसिग अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया फोटो लगा हुआ लाइसेंस लगाना जरूरी होगा। पहले दिए गए लाइसेंस पर स्टोर संचालक और फार्मासिस्ट की फोटो नहीं होती थी। अब इसे फोटो सहित बनाया जाएगा और यह दुकान में प्रोमीनेट जगह पर लगाना अनिवार्य होगा। ताकि स्टोर पर दवाईयां लेने वाले लोगों को वह दिखाई दे सके। अगर कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक ऐसा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले केमिस्टों के लाइसेंस पर फोटो नहीं होता था। जिले मेें 100 के करीब मेडिकल स्टोर हैं, कई स्टोर संचालकों के पास अपना लाइसेंस नहीं है। यह स्टोर संचालक दूसरे का लाइसेंस किराए पर लेकर स्टोर चला रहे हैं। किसी के भी पूछने पर खुद को फार्मासिस्ट बताते हैं। वहीं फार्मासिस्ट अपने डिप्लोमा को किराए पर देकर दूसरी फर्म में खुद नौकरी करते थे। पहले उनके रजिस्ट्रेशन पर फोटो तो लगा होता था, लेकिन वह उसे फाइल में रखते थे और पुराना होने के कारण कई बार पहचान में नहीं आता था। लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ड्रग लाइसेंसिंग ऑथोरिटी ने यह फैसला लिया है। अब रिन्यूअल के समय हर बार फोटो अपडेट किया जाएगा। यह लाइसेंस स्टोर संचालकों को दुकान में ऐसी जगह लगाना अनिवार्य होगा। जहां सभी दवाई लेने वाले और अन्य लोगों को दिखाई दे सके। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि दूसरे के सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन पर कोई अन्य व्यक्ति काम न कर सके।
ये होंगे फायदे
पहले दवाओं की दुकान पर जो लाइसेंस होता था, उस पर कोई फोटो नहीं होता था। अब फोटो लगने से दुकान पर जब भी ड्रग कंट्रोलर औचक दौरा करने जाएंगे। उनको लाइसेंस देखते ही साफ पता चल जाएगा कि मेडिकल स्टोर का प्रोपराइटर फार्मासिस्ट कौन हैं। साथ ही यह पता चल जाएगा कि मेडिकल स्टोर पर दवाएं किस की देखरेख में बेची जा रही हैं। दुकान पर जो फार्मासिस्ट है वह कहीं दूसरी फर्म पर या कहीं पर प्राइवेट जॉब तो नहीं कर रहा है। जब जब लाइसेंस का नवीनीकरण होगा तो फार्मासिस्ट का फोटो अपडेट होता रहेगा। मेडिकल स्टोर (परचून) फार्म 21 सी लगा होता है। जिसमें मेडिकल स्टोर का लाइसेंस नंबर, दुकान का नाम कहां पर दुकान है। प्रोपराइटर, फार्मासिस्ट दुकान के लाइसेंस की अवधि अंकित होती है।
सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को फोटो सहित अपने लाइसेंस और फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दुकान में लगाना होगा। इससे यह पता लग सकेगा कि जो दुकान पर काम कर रहे है, सर्टिफिकेट उन्हीं का है या नहीं। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी स्टोर संचालकों को दुकान में लाइसेंस लगाने के आदेश दिए गए हैं, जो संचालक ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-तरजिंद्र सिंह, लाइसेंसिंग ऑथोरिटी कम सीनियर ड्रग कंट्रोलर, करनाल जोन