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कुष्ठ रोगियों को राशन दिलाने के लिए अब अधिकारी व कर्मचारी लगाएंगे अंगूठा

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कुष्ठ रोगियों को राशन दिलाने के लिए अब अधिकारी व कर्मचारी लगाएंगे अंगूठा
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। इंद्रा च्रक्रवर्ती गांव में ऑनलाइन राशन लेने के लिए अब डीएफएससी विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी कुष्ठ रोगियों के नॉमिनी बनेंगे। ये अधिकारी राशन वितरण के समय अंगूठा लगाकर कुष्ठ रोग पीड़ितों को राशन दिलाएंगे। यह निर्देश उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने दिया है। अमर उजाला द्वारा गांव की समस्या उठाए जाने के बाद गुरुवार को डीसी ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के सहायक अधिकारी रविंद्र जागलान और उपनिरीक्षक सुरेंद्र सैनी को इन्द्रा चक्रवर्ती गांव जाकर वहां रह रहे परिवारों की स्थिति की जांच करने के लिए भेजा था। प्रशासन के जांच में पाया गया कि वहां रह रहे परिवार अंगहीन, अपाहिज होने के कारण राशन वितरण के समय डिपो धारक की पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाने में असमर्थ है। विभागीय नियमानुसार लाभार्थी या लाभार्थी के परिवार के सदस्यों द्वारा पीओएस मशीन में अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त किया जाता है। इसलिए इन्द्रा चक्रवर्ती ग्राम कोढी कालोनी के परिवारों के लिए प्रशासन ने नॉमिनी बनाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें नॉमिनी द्वारा पीओएस मशीन में अंगूठा लगाया जाने के बाद वहां के लोगों के लिये राशन का वितरण करवाया जाएगा, क्योंकि वहां रह रहे कई परिवारों के सभी सदस्य पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाने में असमर्थ है। विदित हो कि अमर उजाला ने 5 जुलाई के अंक में इस गांव की समस्या उठाया था। जिसमें बताया गया था कि इंद्रा चक्रवर्ती गांव में जहां इस समय 65 परिवार के करीब 200 सदस्य रहते हैं, वहां राशन वितरण प्रणाली ऑनलाइन होने के बाद से राशन नहीं मिल पा रहा। इस समस्या को लेकर ग्रामीण डीएफएससी विभाग के पास भी पहुंचे थे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। दरअसल, इस गांव को कुष्ठ रोगियों के लिए ही बसाया गया है, इसलिए यहां पर सभी घर के मुखिया कुष्ठ रोगी ही हैं और राशन कार्ड भी उन्हीं के नाम है। इसलिए राशन नहीं मिल पा रहा। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने जब राशन कार्ड में नॉमिनी बदलने को कहा तो पता चला कि परिवार के दूसरे सदस्य भी इस रोग से पीड़ित हैं, इसलिए वे भी अंगूठा नहीं लगा सकते। हालांकि इस गांव के कुछ परिवार के सदस्य ऐसे भी हैं जो कुष्ठ रोग से पीड़ित नहीं है, लेकिन उनकी उम्र काफी कम है, इसलिए वे राशन कॉर्ड में नॉमिनी नहीं बन सकते। वहीं विभाग इनको मैनुअली राशन भी नहीं दे सकता है।
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ये बनेंगे ग्रामीणों के नॉमिनी
-अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीसी मंदी सिंह बराड़ा ने पूरे मामले को खुद संज्ञान में लिया और गुरुवार को अधिकारियों को गांव का निरीक्षण करने भेजा। साथ ही नॉमिनी उपलब्ध न होने के कारण डीसी ने जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के लिपिक,लेखाकार, लेखापरीक्षक, उपनिरीक्षक, निरीक्षक को इन्द्रा चक्रवर्ती ग्राम के परिवारों का नॉमिनी बनाये जाने का निर्देश दिया। अब ये अधिकारी व कर्मचारी राशन वितरण के समय डिपो में पहुंचकर कुष्ठ रोग पीड़ितों की जगह अंगूठा लगाकर उन्हें राशन दिलाएंगे।
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