करनाल। युवक को यूरोप भेजने के सपने दिखाकर पहले सर्बिया भेजा और फिर ग्रीक। वहां पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और तीन महीने तक जेल में रखा। युवक के पिता ने विदेश भेजने वाले एजेंट के खिलाफ करीब 9.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गली नं 11 विकास कॉलोनी निवासी शमशेर ने एजेंट लखविंद्र सिंह के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट में कई आरोप लगाए
। शमशेर ने बताया कि उन्होंने बेटे रणदीप को सितंबर 2018 में पढ़ाई करने के लिए रूस भेजा था। इस बीच उसकी यूरोप जाने की योजना बनी। उसकी एजेंट लखविंद्र सिंह से फोन पर बात हुई। यूरोप भेजने के एवज में 4.75 लाख रुपये में बात पक्की हुई। लखविंद्र को टिकट के पैसे भांजे सुनील कुमार निवासी गांव किशनपुरा कुरुक्षेत्र ने ऑनलाइन भेजे लेकिन उसने लड़के की टिकट मास्को (रूस) से सर्बिया की करवा दी। पूछने पर कहा कि वहां एजेंट उसे लेने आएगा और फिर यूरोप भेजा जाएगा।
25 दिसंबर 2018 को रणदीप सर्बिया पहुंच गया, परंतु वह उसे लेने के लिए कोई नहीं आया। उसी दौरान लखविंद्र झांसा देकर शमशेर से अलग-अलग खातों में रुपये डलवाता रहा। उसने रणदीप को गिल नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया। बोला कि वह यूरोप पहुंचा देगा। गिल ने लड़के को कर्ण नाम के एजेंट का मोबाइल नंबर दिया जो कि ग्रीस में था। इस दौरान लखविंद्र सिंह व उसके एजेंटों ने लड़के से मोबाइल फोन, डेढ़ लाख रुपये व पासपोर्ट छीन लिया और। उन्होंने रणदीप को फिर ग्रीस में अकेला छोड़ दिया। तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और तीन महीने तक जेल में रखा।
जब लखविंद्र से बात की तो वह बहाने बनाने लगा। फिर झांसा देकर साल भर निकाल दिए। शमशेर का आरोप है कि जब भी लखविंद्र को फोन लगाते तो वह कॉल रिसीव नहीं करता था या फोन बंद आता। उसके बताए पते पर अलवर गए तो वह वहां भी नहीं मिला। शमशेर ने आरोप लगाया कि जब भी बात हुई तो वह मेरे लड़के रणदीप को जान से मरवाने की धमकी देता है। शमशेर के मुताबिक, उसने अलग-अलग खातों में कुल मिलाकर 9,19,950 रुपये की धोखाधड़ी की है। शमशेर की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।