तरावड़ी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पधाना गांव की लगभग 86 एकड़ पंचायती जमीन को कब्जाधारियों से मुक्त करवा उसकी कानूनी बोली नीलामी कराने के लिए डीसी को दिए निर्देश पर अमल शुरू हो गया है। पंचायत और राजस्व विभाग ने कानूनगो और पटवारी के साथ पंचायती जमीन की निशानदेही शुरू कर दी है। बीडीपीओ साहिब सिंह ने बताया कि 18 जनवरी तक जमीन की निशानदेही कर निर्देश अनुसार जमीन को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त करवाकर कोर्ट के आदेश अमल में लाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को नवंबर में दो माह के भीतर पूरा करने की समयावधि तय की थी। हाईकोर्ट ने ये निर्देश पधाना निवासी देशराज और अन्य ग्रामीणों की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पधाना गांव स्थित 86 एकड़ पंचायती जमीन गौ चरांद (पशुओं के चरागाह) के रूप में उपयोग होती आई है लेकिन इस जमीन को बिना बोली करवाए प्रभावशाली लोगों को अवैध रूप से दे दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत ने कई वर्षों से जमीन की नीलामी नहीं करवा, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 46 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। जबकि कोई भी व्यक्ति इस जमीन को नियमों के तहत ठेके पर ले सकता था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने डीसी करनाल को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए।