करनाल। करनाल सहकारी शुगर मिल के नवीनीकरण की मांग को लेकर भाकियू और प्रशासन फिर आमने-सामने आ गए हैं। नई शुगर मिल के निर्माण कार्य को शुरू करवाने के लिए इससे पहले भी भाकियू कई बार धरना प्रदर्शन कर चुकी है, पिछले कुछ महीने सीएम के आश्वासन पर भाकियू ने अपना धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन इस बार भाकियू पूरे इरादे के साथ मेरठ रोड पर शुगर मिल के सामने धरने पर बैठ गया है। किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इतना ही नहीं भाकियू पदाधिकारियों ने 12 फरवरी को मेरठ रोड को जाम करने की चेतावनी भी दी।
बता दें 20 साल पुराने हो चुके शुगर मिल की 2200 पेराई क्षमता है। लेकिन अधिक समय होने के कारण शुगर मिल की मशीनें पुरानी हो चुुकी हैं। इसलिए सीएम मनोहर लाल ने 20 जनवरी 2018 को 225 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले 3500 पेराई के शुगर मिल व 15 मेगावाट बिजली उत्पादन प्लांट का शिलान्यास किया था लेकिन अभी तक शिलान्यास की जगह पर एक ईंट भी नहीं लगी है।
किसानों का हो रहा है नुकसान : भाकियू
धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष बाबू राम बड़थल ने कहा कि शुगर मिल का निर्माण कार्य शुरू न होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान और संरक्षक मेहताव सिंह कादयान ने कहा कि कहा कि करनाल का शुगर मिल आउट ऑफ डेटिड हो चुका है। लगभग डेढ़ दशक से शुगर मिल का नवीनीकरण नहीं होने के कारण गन्ना उत्पादक किसानों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक साल पहले चीनी मिल का शिलान्यास किया था लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
दस फरवरी तक धरना, 12 को सड़क जाम
प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गन्ना उत्पादक किसानों द्वारा अब आर पार की लड़ाई तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को मूर्ख बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धरना दस फरवरी तक चलेगा। इसके बाद 12 फरवरी को शुगर मिल के गेट के सामने मेरठ रोड पर रास्ता जाम करेंगे। उन्होंने बताया कि आज तक मुख्यमंत्री की किसान हित में की गई, इस घोषणा को अफसरों ने नजर अंदाज किया है। उन्होंने कहा कि किसान अब अधिक समय तक मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। भाजपा किसानों को बहका रही है। भाजपा को किसानों के साथ टकराव का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इस अवसर पर उप प्रधान प्रेम चंद शाहपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह गुम्मन, मेहताव सिंह कादयान, सुरेंद्र सांगवान, सतापल बड़थल, विनोद राणा, इनाम खान, दिलावर सिंह, लाल सिंह, संतोष सिंह चौहान, जयपाल शर्मा, कर्ण कालिया, नेकी राम, देविंदर सांगवान, वासुदेव सचदेवा, शीशपाल, संजीव, शेरदीन, नजरो मुंडोगड़ी किसान नेता डॉ. सत्यवीर आदि मौजूद रहे।