अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नई अनाज मंडी में लगाए गए सीएम के दरबार में जिलेभर के अधिकारी तो मुख्यमंत्री के सामने बैठे, लेकिन जनता और फरियादी परदे के पीछे। न तो सीएम को फरियादी दिखे और न ही फरियादियों को मुख्यमंत्री दिखे। प्रशासन द्वारा परदे के पीछे जनता को बैठाया गया। इस दौरान फरियादियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खुले दरबार में करीब 450 शिकायतें आईं। इनमें से ज्यादातर पुलिस, बीडीपीओ, रोडेवेज व अन्य विभागों के खिलाफ शिकायतें पहुंची। शिकायतों को सुनने के बाद सीएम ने समस्या के समाधान को लेकर निर्देश दिए।
गौरतलब है कि सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक सीएम का खुला दरबार रहा। इसमें भारी संख्या में शिकायतकर्ता रहे, हालांकि, इससे पहले शिकायतकर्ता का रजिस्ट्रेशन कराया गया। सुबह से लेकर दोपहर तक लगातार शिकायतकर्ताओं की शिकायतें आती रही। हालांकि, खुले दरबार की खासियत ये रही कि इसमें अधिकारी व मीडिया सीएम के सामने बैठे, जबकि शिकायतकर्ताओं को परदे के पीछे बैठाया गया। इसको लेकर खुद भाजपा के कई नेताओं ने भी आपत्ति जताई, लेकिन जिला प्रशासन को लेकर पर्दा नहीं हटाया गया। परदे को लेकर दिनभर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की चर्चाएं रही। वहीं, शिकायतकर्ताओं को पानी को लेकर परेशानी झेलनी पड़ी। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच फरियादियों को चेकिंग के बाद ही सीएम से मिलने दिया गया। सीएम ने 150 से ज्यादा शिकायतें, बाकि की शिकायतें लेकर अधिकारियों को समाधान के आदेश दिए।