एंकर स्कूली खेलों में टैलेंट के लिए नहीं होगा उम्र का बंधन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्कूल खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के अब उम्र की कोई सीमा नहीं होगी। जिस खिलाड़ी के अंदर टैलेंट होगा, वह अपने से अधिक आयुवर्ग के खेलों में बड़े खिलाड़ियों के साथ भी प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस सत्र से ही विदेशी तर्ज पर आयु को लेकर प्रदेश में होने वाले खेलों के तहत नया प्रावधान लागू कर दिया है। इस नए नियम से अच्छे टैलेंट को अधिक मौका मिलेगा और वह जल्द आगे बढ़ सकेगा। वहीं ऐसे खिलाड़ी शारीरिक रूप से युवा व टैलेंटेड होने से बड़े स्तर पर मेडल जीतने में सफल हो सकेंगे। बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कई खेल एसोसिएशनों ने इस प्रकार के नियमों के तहत ऐसा करना पहले से ही शुरू कर दिया है। लेकिन हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली खेलों में अब यह प्रावधान लागू किया जा रहा है। इस बार के ब्लॉक स्तरीय और जिलास्तरीय खेलों से इस नियम को लागू किया जा रहा है।
बेहतर प्रशिक्षण की कोशिश
शिक्षा विभाग के अनुसार टैलेंटेड खिलाड़ी को सीनियर स्तर पर जल्द पहुंचाने के लिए ऐसा प्रावधान किया गया है। अगर वह खिलाड़ी अपने से बड़े आयुवर्ग में अच्छा करेगा तो उस खिलाड़ी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उसे कम समय में ही बेहतर प्रशिक्षण देकर बड़े स्तर पर खेलने लायक बनाया जा सके। ताकि वे बड़े स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर देश का नाम कर सकें। ओलंपिक एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतिस्पर्धाओं में भारत के खिलाड़ियों की आयु से विदेशी खिलाड़ियों की आयु काफी कम आंकी गई है, लेकिन वे उसी वर्ग में खेलते हैं। भारतीय खिलाड़ियों की अपेक्षा शारीरिक रूप से युवा व टैलेंटेड होने की वजह से ही पदक प्राप्त करने में सफल होते हैं। इससे उन देशों में इसी प्रकार नियम को अपनाना है। जबकि यहां ऐसा कोई नियम फॉलो नहीं किया जाता। जिस वजह से बड़े टूर्नामेंट में सफल होने वाले भारतीय खिलाड़ी विरले ही होते हैं।
ऐसे मिलेगा खिलाड़ी को मौका
ब्लॉक एवं जिलास्तरीय खेलों में कोच, डीपीई एवं अधिकारी ऐसे टैलेंट पर नजर रखेंगे। अगर अपने आयुवर्ग में किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन उसके आयुवर्ग से बड़े आयुवर्ग से भी बेहतर देखते हैं तो उस बच्चे को बड़े आयुवर्ग में भी खेलने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा बच्चा अगर अपने आयुवर्ग में मेडल जीता है तो वह स्वयं भी कोच एवं अधिकारी को बड़े आयुवर्ग के लिए राजी कर सकता है। अगर वह दोनों आयुवर्ग में जीतता है तो फिर राज्यस्तर पर भी दोनों आयुवर्ग में भाग लेने का हकदार होगा। राज्य स्तर पर भी दोनों आयुवर्ग में वह मेडल लेता है तो उसे नेशनल में भी दोनों आयुवर्ग में शामिल किया जाएगा। इसके चलते वह जल्द ऊपरी स्तर पर खेल सकेगा। साथ ही उसकी कोचिंग भी अच्छी प्रकार कराई जा सकेगी।