अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 10 नवंबर तक निर्माण कार्य पर लगाई गई रोक का सीएम सिटी में कोई असर नहीं है। शहर के साथ ही जिलेभर में निर्माण कार्य चल रहे हैं। इतना ही नहीं निर्माण कार्य करते वक्त तिरपाल का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा। सड़कों पर भी बिना तिरपाल के ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों में रेट-मिट्टी भर पर ले जाई जा रही है। रेत की खान में भी कार्य जोरों पर चल रहा है। जिस कारण सीएम सिटी की हवा जहरीली होती जा रही है। शहर की हवा का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 112 माइक्रोग्राम तक पहुंच गया है। जो
100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए
बता दें पर्यावरण नियंत्रण अथॉरिटी के निर्देश पर हरियाणा स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक नवंबर से 10 नवंबर तक प्रदेशभर में निर्माण कार्य पर रोक लगाई हुई है। लेकिन जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण जिलेभर में निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं जिले का प्रदूषण लेवल घटने की बजाए बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दीपावली पर पटाखे पटकाने से यह लेवल 200 तक पहुंचने की संभावना है।
इस तरह होना चाहिए औसत एक्यूआई
0 से 50 अच्छा
51 से 100 औसत
101 से 200 मॉडरेट
201 से 300 खराब
301 से 400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खराब
ये है डॉक्टर की राय
स्पेशलिस्ट डॉक्टर का कहना है कि प्रदूषण में चमड़ी के रोग ज्यादा होते हैं। आंखों में जलन और शरीर पर खुजली होती है। ऐसे में हर व्यक्ति को चेहरा ढककर ही बाहर निकलना चाहिए या फिर मास्क लगाना चाहिए। शरीर का हर अंग कपड़े से ढका होना चाहिए। आंखों पर चश्मे का प्रयोग करें और सुबह और रात को सोने से पहले नहाना चाहिए।
650 किसानों ने 1300 एकड़ में लगाई है आग
कृषि विभाग के प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में इस बार 650 किसानों ने पराली और धान के अवशेष जलाए हैं। जो करीब 1300 एकड़ में थे। यह किसानों से जुर्माने की बात करें तो करीब चार लाख रुपये जुर्माना किसानों से वसूला गया है। इन 1300 एकड़ में फसल अवशेषों के जलाने से भी शहर की हवा जहरीली हुई है।
जोरों पर चल रही है रेत की खान
यमुना में रेत की खान भी जोरो से चल रही है। खान से दूसरे वाहनों में रेत भरते समय वह उड़ता है और उसके कण हवा में मिल जाते हैं। जो प्रदूषण को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन बोर्ड के निर्देश के बावजूद भी खान में कार्य जोरों से चल रहा है और ट्रक व ट्रॉली बिना तिरपाल ढके वहां से रेत लेकर आते हैं और सड़कों से होते हुए जाते हैं।
दिवाली पर रात को दो घंट ही जला सकते हैं पटाखे
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दिवाली पर रात 8 बजे से रात 10 बजे तक पटाखे जला सकते हैं। लोगों को पटाखे जलाने के लिए सिर्फ दो घंटे मिले हैं, लेकिन लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर पूरा दिन पटाखे जलाते हैं।
पटाखे चलाने वालों पर एसएचओ रखेंगे नजर
डीसी ने बताया कि दिवाली पर रात 8 से 10 बजे के बाद व पहले यदि कोई व्यक्ति पटाखे जलाएगा तो उस पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पटाखे जलाने वालों पर उस क्षेत्र का थाना प्रभारी उन पर नजर रखेगा और कानूनी कार्रवाई करेगा।
कुछ दिन पहले शहर का प्रदूषण लेवल 112 माइक्रोग्राम था। इससे अलग शहर में अलग-अलग क्षेत्र में प्रदूषण लेवल मापने के लिए चार जगहों पर उपकरण लगाए थे। जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
-सलेंद्र अरोड़ा, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल।
जिले में एक नवंबर से 10 नवंबर तक निर्माण कार्य बंद किए हुए हैं। इसके लिए सभी एसडीएम, एक्सईएन सहित अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यदि कहीं निर्माण कार्य चला हुआ है तो लोग कार्यालय में सूचना दे सकते हैं। इससे अलग दीपावली पर समय अवधि से पहले व बाद में पटाखे पटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने व उन पर निगरानी रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
-डॉ. आदित्य दहिया, डीसी करनाल।