अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछली सरकारों के राजनीति का शिकार वाल्मीकि समाज के परिवारों को बेघर किया, परंतु हमने इन परिवारों के दुख को समझते हुए इन परिवारों को सेक्टर-16 में 237 प्लॉट कम कीमत पर अलॉट करके इन्हें पुनर्वास देने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2022 तक देश का कोई भी परिवार बेघर न हो और सभी को छत मिले।
मुख्यमंत्री रविवार को सेक्टर-16 में वाल्मीकि परिवारों के लिए अलॉट किए गए प्लॉटों के भूमि पूजन के बाद दून वैली कॉलेज में आयोजित धन्यवाद सभा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। भूमि पूजन के अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कार्य किसी को उजाड़ना नहीं, बल्कि बसाना है। हम इस कार्य के लिए कोई राजनीति नहीं करते, बल्कि लोगों को सहयोग की भावना से काम करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक ही सपना है सबका साथ-सबका विकास। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि मिर्चपुर कांड के पीड़ित लोगों को भी उनकी इच्छा के अनुसार कॉलोनी बनाकर दी, जबकि यह परिवार पिछले 10 साल से टेंटों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।
रियायती दरों पर दिए हैं 50-50 गज के प्लाट
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेशों के बाद सेक्टर-12 की वाल्मीकि बस्ती में रह रहे लोगों का पुनर्वास करना था, परंतु उस समय इन परिवारों के ऊपर एक बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई थी। यह परिवार बेघर हो गए थे, परंतु जब उन्हें पता लगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें बसाने का वादा किया और उन्होंने अपने वादे को पूरा किया व 237 परिवारों को बहुत ही कम कीमत पर 50-50 गज के प्लाट आवंटित किए हैं। सीएम ने कहा कि माना जाता है कि पहले की सरकारें इन परिवारों को मलिन बस्तियों में पुनर्वास करवाती थी, परंतु इन परिवारों के स्वाभिमान के लिए उन्होंने सेक्टर में पुनर्वास करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारी सोच हर व्यक्ति को विकास से जोड़ने की है, ताकि सभी को रोजगार, भोजन व बच्चों को शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोग सफाई का कार्य करके देश की सेवा के लिए काम करते हैं। अब हमारा कर्तव्य है कि हम सभी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं। यदि देश व प्रदेश से गंदगी समाप्त होगी तो सभी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। जब देश व प्रदेश के शहर व गांव स्वच्छ होंगे तो दुनिया में भारत का नाम गौरव से लिया जाएगा। बता दें कि बस्ती को शिफ्ट करने को लेकर पिछले कई साल से विवाद चल रहा है।
स्वच्छता अभियान से जुड़ें : भाई झाला
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनहरवाल भाई झाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गरीब परिवारों के लिए जो सौगात दी है, वह अपने आप में इन परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर सिर को छत देने के लक्ष्य को साकार करने का कार्य किया है, जबकि पहले की सरकारें केवल वोट की राजनीति इन गरीब परिवारों के साथ करती रही और मूल रूप से कार्य केवल भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के कार्य में सभी लोग बढ़ चढ़कर भाग लें। देश में महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्तूबर को सभी लोग स्वच्छता से जुड़े।
सफाई आयोग ने जताया सीएम का आभार
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक व सफाई कर्मचारी आयोग हरियाणा के सदस्य आजाद सिंह ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और मुख्यमंत्री का वाल्मीकि परिवार को 237 प्लॉट देने पर धन्यवाद किया और कहा कि यह समाज सदा इस नेक कार्य के लिए उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि पहले राजनीति के कारण इन परिवारों पर एक बहुत बड़ा तूफान खड़ा हो गया था और यह लोग बेघर हो गए थे, जिसे मुख्यमंत्री ने सहारा दिया और यह पूरा समाज इसके लिए उनका धन्यवाद करता है।
कलाकारों ने बांधा समां
इस अवसर पर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल तरावड़ी की छात्राओं ने स्वागत गीत व हरियाणवी कलाकार विकास शर्मा ने लोकगीत की प्रस्तुति दी। वाल्मीकि समाज द्वारा मुख्यमंत्री को पगड़ी भेंट की गई और अतिथियों को रामायण भेंट की। इस अवसर पर ओएसडी अमरेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश महासचिव एडवोकेट वेदपाल, सफाई कर्मचारी आयोग हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार वाल्मीकि, सदस्य रामफल, अमरजीत, जगमोहन आंनद, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, योगेन्द्र राणा, अशोक सुखीजा, शमशेर नैन, कॉलेज के प्रबंधक निर्मल गुप्ता, मोहित व रोहित अग्रवाल, राजेश वैध, तेजेन्द्र बिडलान, रामफल लोहट, अशोक बागड़ी, राजपाल सारसर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पहले के सीएम संस्थानों के नाम अपने दादा व पिता के नाम पर रखते थे, हमने महापुरुषों के नाम रखे : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण संस्थानों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखें, ताकि आने वाली पीढ़ी सदा इन महापुरुषों से प्रेरणा ले सके परंतु पहले की सरकारों ने अपने दादा व पिता के नाम से रखे, ताकि उनके परिवार का नाम लोगों को याद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने सिरसा यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता देवीलाल के नाम रखा, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा ने जींद यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता रणबीर हुड्डा के नाम रखा, जबकि हमने संस्कृत विश्वविद्यालय मुंदड़ी का नाम महर्षि वाल्मीकि का नाम रखा गया और कुटेल में बनने वाले मेडिकल विश्वविद्यालय का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया है।