अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानि आयुष्मान भारत बीती 15 अगस्त से प्रदेश के करनाल सहित कुछ जिलों में प्रयोग के तौर पर लागू हो गई है। बावजूद इसके सीएम सिटी में इसके तहत सात दिन में अब तक केवल 11 लोगों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया है। ये तथ्य मंगलवार को डीसी के दौरे के सामने आए। डीसी डा. आदित्य दहिया सुबह आयुष्मान भारत योजना का फीडबैक लेने के लिए निकले। सबसे पहले सीएमओ कार्यालय पहुंचे और बाद में कल्पना चावला मेडिकल कालेज पहुंचे। इस दौरान डीसी ने पूरी योजना का फीडबैक लिया और कार्यप्रणाली को जाना। साथ ही स्वयं एक रोगी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करवाई।
डीसी डा. आदित्य दहिया ने सर्वप्रथम सिविल सर्जन कार्यालय में जाकर वहां के डिप्टी सीएमओ डॉक्टर राजेन्द्र कुमार और अन्य डॉक्टरों के साथ चर्चा कर आयुष्मान भारत स्कीम की फीडबैक ली। डा. राजेंद्र ने डीसी को अवगत करवाया कि आयुष्मान भारत के तहत अब तक कुल 11 रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। इसके पश्चात, डीसी ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में जाकर आयुष्मान मित्र के कक्ष में मरीजों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लेकर उसका साक्षात्कार किया और स्वयं एक मरीज का रजिस्ट्रेशन करवाया। मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. सुरेंद्र कश्यप भी इस अवसर पर मौजूद थे। डीसी ने सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर बिल्डिंग में जाकर एक अन्य आयुष्मान मित्र से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूछी और उसे चेक भी किया।
क्या है आयुष्मान भारत
आयुष्मान भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जो 31 मार्च 2020 तक चलेगी। केंद्र सरकार की ओर से इस स्कीम के तहत 85 हजार, 217 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 5 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा और इसके तहत 10 करोड़ परिवार कवर किए जाएंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं है। योजना में कौन सा परिवार लाभ प्राप्त करने का पात्र होगा, यह आर्थिक आधार पर होगा, जिसमें गरीब और कमजोर आबादी से संबंधित यानि बीपीएल परिवार शामिल रहेंगे। लाभार्थी का डाटा स्वास्थ्य केंद्रों पर, आयुष्मान पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, इसके लिए आयुष्मान मित्र लगाए जा रहे हैं।
मिलेगा पांच लाख बीमे का फायदा
डीसी ने बताया कि सरकार की योजना अनुसार, इसके लिए देशभर में स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थी को 5 लाख रूपये के बीमे का फायदा तब मिलेगा, जब उसकी बीमारी बड़ी या फिर गंभीर होने की स्थिति में वह अस्पताल में भर्ती होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ पूरे देश में मिलेगा। योजना के तहत कवर किए गए लाभार्थी को पैनल में शामिल देश के किसी सरकारी या निजी अस्पताल से कैशलेस लाभ लेने की अनुमति होगी।
ऐसे होता है रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन के लिए आयुष्मान मित्र लाभार्थी की डिटेल सर्च करते हैं, उसके राशन कार्ड और मोबाइल नंबर से जानकारी का मिलान करते हैं। आधार नंबर वाले मरीजों का थम्ब इम्प्रेशन या आईरिस चेक करते हैं और नॉन आधार वाले मरीजों की राशन कार्ड की फोटो अपलोड कर उसे सेव कर लेते हैं, उसके मोबाइल नंबर से भी डिटेल निकालकर चेक की जाती है। डाटा सुरक्षित करने के बाद सर्वर पर उसकी अप्रूवल ली जाती है, जो जल्दी या कुछ समय के बाद मिल जाती है। पीआरएफ में सारी डिटेल का प्रिंट निकालकर संबंधित डॉक्टर से चेक करवाकर क्लेम डाला जाता है।