कूड़ा संबंधी समस्या जानने को अब निगम हर वार्ड में लगाएगा स्वच्छता दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
संपूर्ण स्वच्छता को लेकर और स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में टॉप आने के लिए नगर निगम अब कूड़े और गंदगी से जुड़ी समस्याओं को सुनने और उसके तुरंत समाधान को लेकर हर वार्ड में स्वच्छता दरबार लगाएगा। एक सप्ताह बाद आगामी वीरवार से कालीदास रंगशाला से सुबह 11 बजे से इसकी शुरुआत की जाएगी और इस दिन वार्ड-12 के निवासियों की सफाई से जुड़ी सभी तरह की समस्याएं सुनी जाएंगी। स्वच्छता दरबार लगाने का मकसद है - कूड़ा उठाने को लेकर सच्चाई निगम के सामने आ सके और जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, उनका निपटारा हो सके। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच का भी फैसला लिया गया है। यह फैसला गुरुवार को विकास सदन में हुई बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा के दौरान लिया गया।
जागरूकता लाने को मांगे थे सुझाव
निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि स्कूली बच्चों में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से उनके सुझाव मांगे गए थे। परिणामस्वरूप विभिन्न स्कूलों के करीब 1500 विद्यार्थियों ने कार्ड के माध्यम से निगम को स्वच्छता के लिए उपयोगी सुझाव दिए हैं। निगम को उम्मीद है कि करीब 30-35 हजार स्कूली बच्चों से बेहतर स्वच्छता और इसको कैसे कायम रखा जा सकता है, बारे में सुझाव प्राप्त होंगे। जिस विद्यार्थी के सुझाव सबसे सराहनीय होंगे, उसे निगम सम्मानित भी करेगा। उन्होंने बताया कि हॉर्टीकल्चर वेस्ट की कंपोस्ट बनाने के लिए शहर में उपलब्ध छोटे-बड़े 60 पार्कों में पिट बनवाई गई हैं और इनमें वेस्ट डाला जा रहा है। निगम के मोटीवेटरों द्वारा पार्कों से संबधित आरडब्ल्यूए को वेस्ट से कंपोस्ट बनने तक की विधि भी समझाई गई है। इसके अतिरिक्त, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में तैयार खाद की लगभग 90 प्रतिशत बिक्री भी हो गई है।
अब तक 886 चालान किए
खुले में शौच और कूड़ा-कचरा फेंककर, सफाई को बाधित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ निगम द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में आयुक्त ने बताया कि बीती 14 नवंबर से अब तक ऐसे व्यक्तियों के कुल 886 चालान किए गए और 50 हजार 245 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई। किए गए चालानों में ओडी के 120, ओपन यूरिनेशन के 529 तथा गारबेज के 237 चालान शामिल हैं। खुले में शौच करने और कचरा फेंकने वाले से 500 रुपये और ओपन यूरिनेशन के दोषी व्यक्ति से 200 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का फाइन लगाया जाता है।
सफाई कर्मचारियों का स्वास्थ्य होगा चेक
समीक्षा बैठक में आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाईकर्मियों का अहम रोल है। इनके स्वास्थ्य की रक्षा और वेलफेयर को देखते हुए निगम द्वारा निर्णय लिया गया है कि शीघ्र ही पुराने सिविल अस्पताल में सभी सफाई कर्मचारियों का जनरल मेडिकल चेकअप और आंखों की जांच करवाई जाएगी। इस संबंध में सिविल सर्जन से विचार कर लिया गया है। मेडिकल चेकअप में मौके पर ही सरकारी अस्पतालों से मिलने वाली दवाइयां भी दी जाएंगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित शहर की सफाई के लिए बनाए गए तीन जोन के ठेकेदारों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने एरिया में भी तुरंत प्रभाव से मेडिकल चेकअप कैंप लगवाएं।
स्वच्छता दरबार में निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, जो भी शिकायत आएगी, उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। मौके पर ही सफाई करने वाले कर्मचारी और साधन मौजूद रहेंगे। उसी दिन या कुछ समय में ही समस्या का समाधान सुनिश्चित होगा। इस तरह के दरबार से लोगों में स्वच्छता के प्रति ओर अधिक सूझबूझ तथा जागरूकता आएगी, नागरिकों और नगर निगम के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होगा। -डॉ. प्रियंका सोनी, निगम आयुक्त।