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Karnal News: 700 किसानों ने रबी मेले में जानी गेहूं-जौ की उन्नत किस्में

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रबी किशन मेला में वक्ता अपने विचार व्यक्त करते हुए। संस्थान
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। भाकृअनुप-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में मंगलवार को रबी किसान मेले का आयोजन हुआ। विकसित कृषि-आत्मनिर्भर भारत विषय पर आयोजित इस मेले में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और बिहार सहित छह राज्यों के करीब 700 किसानों ने भाग लिया। किसानों को गेहूं और जौ की उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।
मेले में फसलों में रोगों व कीटों से बचाव के तरीके बताए गए। खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। छिलका रहित जौ के पोषण संबंधी महत्व और डिजिटल कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं और युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को अपने क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्मों के चयन की सलाह दी। सही समय पर उचित मात्रा में बीज की बिजाई करने के तरीके भी बताए गए।
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विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के पूर्व कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने किसानों को आय के दूसरे स्रोत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने डेयरी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। संस्थान के निदेशक डॉ. ओमवीर सिंह ने वैज्ञानिक जानकारी और डिजिटल साधनों से खेती को टिकाऊ बनाने पर बल दिया। तकनीकी सत्र में संस्थान के वैज्ञानिकों ने गेहूं और जौ की फसलों में लगने वाले रोगों, कीटों और खरपतवारों की पहचान व बचाव के उपाय बताए। भाकृअनुप, नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. केएस हुड्डा ने किसानों से कृषि रसायन विशेषज्ञों की सलाह पर खरीदने की अपील की।
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