दिन में गर्मी और उमस के बाद मंगलवार शाम आए अंधड़ से शहर में 70 जगह बिजली की लाइनों में फाल्ट आ गया, जिसकी शिकायत लोगों ने विद्युत निगम के सुविधा केंद्र पर दर्ज कराई। इससे शहर के अधिकांश हिस्सों में आधे घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधिक देर गुल होने से लोग परेशान रहे। वहीं बादल छाने और तापमान गिरने से गर्मी और उमस से राहत मिली। दूसरी ओर आंधी से कई जगह पेड़ गिर गये। इससे कहीं वाहन क्षतिग्रस्त हुए तो कहीं आवाजाही बाधित हुई।
मौसम विभाग की ओर से पिछले दो दिनों से तेज हवा और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में धान बोने का इंतजार कर रहे किसान भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इसके विपरीत मंगलवार की सुबह गर्मी से लोग परेशान दिखे। वहीं दिन भी शहर के कई क्षेत्रों में बिजली कटौती लोगों पर भारी पड़ी। इसके बाद शाम को अचानक बदले मौसम के बाद तेज हवाओं ने शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली गुल कर दी। धूल भरी आंधी व हल्की बूंदाबांदी से कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिरने की सूचनाएं मिलीं।
जिला सचिवालय परिसर में भी पेड़ टूटकर गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि उस समय कार में चालक नहीं था। इसके अलावा सेक्टर 12-13 मोड़ पर भी पेड़ टूटकर गिर गया। विदित हो कि इस स्थान पर पिछली बार आई आंधी में भी पेड़ गिर गया था जिसे अब तक नहीं उठाया जा सका।
कहीं पेड़ गिरे तो कहीं उड़ीं टीन की छतें, यातायात अवरुद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। क्षेत्र में धूलभरी आंधी के साथ हुई हल्की बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर में कई जगह पेड़ गिर गए और छतों की चद्दर उड़ गई। पेड़ गिरने से बिजली लाइनों को नुकसान हुआ है। गांव अंजनथली के पास एक ट्यूबवेल पर लगी टीन की छत टूट गई। तरावड़ी में सौंकड़ा-नड़ाना रोड पर दुकानदारों के फ्लैक्स टूटकर सड़कों पर बिखर गए।
अंजनथली व ललयानी रोड पर भी दो पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। गनीमत यह रही है वाहन चालक बाल-बाल बच गए। अंजनथली रोड पर किले के समीप भी एक भारी भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क किनारे ही गिर पड़ा। इसके अलावा भी कई जगहों पर छोटे-बड़े पेड़ गिरने की सूचना है। पेड़ हटाने का काम जारी हो गया था। तूफान और हल्की बारिश के चलते बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई। जिसकी बिजली बोर्ड के कर्मियों द्वारा समय रहते मरम्मत कर दी गई है।
आसपास के कई गांवों में बारिश और तूफान आने से बिजली के तार टूट गए हैं। गनीमत यह रही कि तार टूटने से गांववासियों को जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तार लोगों के खेतों में गिर गए हैं। इससे किसानों को खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है।
जिला वन अधिकारी नरेश रंगा का कहना है कि करनाल जिले में तूफान की गति ज्यादा नहीं थी। एक-दो जगहों पर ही पेड़ गिरने की सूचना है। कहीं कोई सड़क जाम नहीं हुई। फतेहाबाद क्षेत्र में तूफान की गति अधिक रही। करनाल तक इसकी गति कुछ कम हो गई थी। कहीं सड़कें जाम न हो जाएं इसको लेकर विभाग के कर्मचारी सतर्क रहे।
मंगलवार को दिन में गर्मी का असर रहा। सोमवार की रात भी अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहने से गर्मी में लोग बेचैन हुए। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री व न्यूनतम 27.0 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 83 व दोपहर को 49 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 23.9 एमएम रहा। पिछले साल 15 जून को अधिकतम तापमान 37.8 व न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस था।
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के केवीके स्थित मौसम सेवा इकाई ने दोपहर को सूचना जारी कर दी कि जिले में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं आ सकती हैं। बूंदाबांदी भी हो सकती है। समीपवर्ती जिले कैथल से लगते कुछ गांवों में हल्की ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई।
वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी
- घरेलू पशु को ओलावृष्टि, बारिश व आंधी से बचाने के लिए इस अवधि के दौरान मजबूत शेड में रखें।
- अपने खेत में लगे सोलर सिस्टम को भी अचानक तेज हवा से नुकसान से बचाएं।
- अपने आसपास वज्रपात, बिजली चमक या तेज आवाज सुनाई दे तो पेड़ के नीचे शरण न लें।
- तेज अंधड़ के समय दृश्यता कम होने पर यातायात प्रभावित हो तो वाहन चालक सावधानी बरतें।
- वज्रपात व बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों को कृषि कार्य रोक देने चाहिए।