माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नायब तहसीलदार, तहसीलदार और जिला राजस्व अधिकारियों ने मांगों को मानने पर हड़ताल वापस ले ली है। राजस्व अधिकारी बुधवार को काम करेंगे, इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से लगातार 11 दिनों से तहसील संबंधित कार्य प्रभावित हैं। 678 रजिस्ट्री रुकी हुई हैं, इसके अलावा प्रमाणपत्र और डोमिसाइल संबंधित कार्य भी नहीं हो पाए। हड़ताल के चलते करीब 15 करोड़ से ज्यादा का राजस्व भी प्रभावित हुआ है।
पटवारी और कानूनगो पिछले सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। वे बुधवार तक हड़ताल पर रहे थे, इसके चलते डोमिसाइल, प्रमाणपत्र और जमाबंदी समेत अन्य कार्य बंद हो गए थे। वे वीरवार को काम पर लौटे तो राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए थे। अधिकारियों ने वीरवार को एक दिन की पेन डाउन हड़ताल रखने का फैसला लिया था। उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल पर चले गए थे। राजस्व अधिकारी चंडीगढ़ मुख्यालय पर धरने पर बैठे थे। विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंगलवार को कई दौर की बैठक चली। राजस्व अधिकारियों ने मांगों को मानने पर हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया।
चौथे दिन लोगों को मिली मायूसी
- प्रेमनगर के हरी सिंह ने बताया कि उनको मकान की रजिस्ट्री करानी है वे इसके लिए पहले टोकन भी ले चुके थे और सभी प्रक्रिया भी पूरी कर चुके थे लेकिन हड़ताल के कारण पांच दिन से उनका काम नहीं हो पाया।
- ज्योति नगर के अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें रजिस्ट्री के लिए पांच दिन से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पहले पटवारी के हड़ताल पर होने के कारण उनकी लोन की फाइल अटक गई थी, अब रजिस्ट्री नहीं हो पाई।