अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आईटीआई विद्यार्थियों और पुलिस के बीच हुए पथराव और फायरिंग के मामले में कई दिन से बंद आईटीआई संस्थान खुलेगा और कक्षाएं लगेंगी। इस दौरान पुलिस कर्मचारी भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, प्रशासनिक अधिकारी भी आईटीआई स्टाफ के साथ बैठक करके माहौल पर नजर रखेंगे। वहीं, वीरवार को ही पुलिस और आईटीआई स्टाफ के सदस्य एसडीएम की जांच कमेटी के सामने पेश होंगे। इस दौरान एसडीएम दोनों पक्षों से सवाल जवाब में करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बता दें कि 11 अप्रैल को आईटीआई चौक पर बस की चपेट में आने से निकित की मौत हो गई थी और इसके बाद छात्र भड़क गए थे। 12 अप्रैल की सुबह विद्यार्थी और पुलिस आमने-सामने हो गए थे और दोनों तरफ से पत्थरबाजी की गई थी। इसमें पुलिस कर्मचारियों समेत कई विद्यार्थी घायल हो गए थे। इस मामले की एएसपी और एसडीएम के नेतृत्व में दो अलग-अलग जांच चल रही है। इसमें पुलिस कर्मचारियों और आईटीआई स्टाफ के बयान दर्ज हो चुके हैं।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- आईटीआई परिसर में बिना अनुमति के पुलिस जा सकती है या नहीं?
- परिसर के अंदर लाठीचार्ज करने का औचित्य क्या था?
- प्रिंसिपल तथा अन्य स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार हुआ या नहीं?
- महिला स्टाफ ने कमरे में बंद होकर अपने को बचाया या नहीं?
- जहां पर ईवीएम रखी हुई थी, वहां पर पहले से ही पुलिस तैनात थी या नहीं?
- आईटीआई परिसर में घटना स्थल से कितनी दूरी पर थी ईवीएम?
वीरवार को आईटीआई संस्थान खुलने के दौरान पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, माहौल का सामान्य बनाने के लिए छात्रों, आईटीआई स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों की एक तालमेल कमेटी बनाई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिन जिन पुलिस कर्मचारियों का कसूर होगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा, क्योंकि कोई कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। इससे पहले तीन हवलदारों को लाइन हाजिर किया जा चुका है।
-सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी, करनाल।