अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। जिला प्रधान रूपा राणा ने धरने की अध्यक्षता की और संचालन जिला सचिव बिजनेश राणा ने किया। 23 फरवरी तक सरकार की ओर से मांगें लागू करने का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो 24 फरवरी को रोहतक में कन्वेंशन करके निर्णायक आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।
रूपा राणा, बिजनेश और राकेश ने कहा कि पिछले 15 दिनों से आंगनबाड़ी यूनियन का धरना प्रदर्शन चल रहा है। सरकार कुंभकर्णी नींद में है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का सरकार का नारा झूठा है। प्रदेश की हजारों बेटियां सड़कों पर सरकार चुप है। मुख्य मांगों में स्कूलों की तर्ज पर गर्मी सर्दी की छुट्टियां दी जाएं। हेल्पर से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर 50 प्रतिशत कोटा निर्धारित हो। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मृत्यु पर होने पर तीन लाख रुपये मुआवजा मिले और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। रिटायरमेंट पर अलग से लाभ दिया जाए। 10 साल काम कर चुकी वर्कर हेल्पर को कुशल तथा 10 साल से कम काम कर चुकी वर्कर हेल्पर को अकुशल का दर्जा देते हुए वेतन दिया जाए आदि शामिल हैं। धरने के बाद वर्करों ने जिला सचिवालय से अस्पताल चौक तक प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कृष्ण शर्मा, सतपाल सैनी, सरिता, अमरजीत कौर, बिजनेश, नीलम, मंजू, संगीता, मीनाक्षी, सुष्मा, ममता, रीना, राकेश, अंग्रेजों व सुष्मा शर्मा ने वर्कर्स को संबोधित किया।