अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (इंद्री)। भादसो स्थित पिकाडली शुगर मिल के खिलाफ किए गए आंदोलन के दौरान कथित घूसकांड का मामला गरमा गया है। भाकियू (चढ़ूनी गुट) और गन्ना संघर्ष समिति द्वारा कथित रिश्वत के एक लाख रुपये आपस में बांटने से विवाद और बढ़ा गया है। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन (रजि.) के प्रदेशाध्यक्ष रत्न मान ने इस मामले को गंभीर और संवेदनशील बताते हुए, इसमें रिश्वत लेने और देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। इतना ही नहीं भाकियू ने इस मामले में निंदा प्रस्ताव जारी भी किया है। ऐसे में भाकियू के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं। मान ने तो यहां तक कहा है कि चढ़ूनी का भाकियू से कोई लेना-देना नहीं है। दूसरी ओर, चढ़ूनी का दावा है कि वे भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष हैं।
बता दें कि पिकाडली शुगर मिल पर किसानों का करीब 14 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसको लेकर किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। आरोप है कि आंदोलन को खत्म करने के लिए शुगर मिल की ओर से किसान नेता गुरनाम सिंह चढू़्नी को 20 दिन पहले एक लाख रुपये की कथित रूप से रिश्वत दी गई। इतना ही नहीं चढ़ूनी ने रुपयों का पैकेट मिल के बाहर गुरुवार को धरने पर दिखाया। इसके बाद सभी ने निर्णय लिया और इस राशि को आपस में बांट लिया।
आरोप है कि 50 हजार भाकियू और 50 हजार गन्ना संघर्ष समिति में बांट लिए गए। हालांकि, दावा किया गया कि ये राशि किसानों के हितों में खर्च की जाएगी। कथित घूस कांड का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कार्यकारिणी की बैठक बुलाई और मंथन किया। मान ने कहा कि कथित घूसकांड उजागर होने से किसान समुदाय में हताशा हैं, क्योंकि भाकियू के 40 साल के कार्यकाल के दौरान आजतक ऐसी कोई भी घटना सामने नहीं आई है। इस पूरे प्रकरण के उजागर होने से मील प्रबंधन और कथित किसान नेताओं की मंशा पर सवालिया निशान लग रहे हैं। रतनमान ने कहा कि अवश्य ही इस मामले में बड़ा गड़बड़झाला नजर आ रहा है।
प्रकरण की तह तक जाने के लिए और सच्चाई उजागर करने के लिए भाकियू एक कमेटी का गठन करेगी। पूरे प्रकरण से भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय महामंत्री युद्धवीर सिंह को अवगत करा दिया गया है। शीर्ष नेताओं केे आदेश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान ने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच अति आवश्यक है। पूरे प्रकरण पर किसान महापंचायत भी बुलाई जा सकती है। इस मौके पर भाकियू के जिला संरक्षक मेहताब सिंह कादियान, जिला अध्यक्ष यशपाल राणा औंगद, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान और पानीपत जिला उपाध्यक्ष बलजीत सिंह राठी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
14 करोड़ है बकाया, 20 नवंबर तक का है आश्वासन
इंद्री। पिकाडली शुगर मिल पर किसानों की करीब 14 करोड़ रुपये गन्ने की पेमेंट बकाया है। इसको लेकर किसान कई दफा भाकियू और गन्ना संघर्ष समिति के बैनर तले शुगर मिल के गेट पर प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि, प्रशासन और शुगर मिल प्रबंधन की ओर से किसानों को 20 नवंबर तक सभी की पेमेंट देने का आश्वासन दिया गया है। इसके चलते, फिलहाल किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है।
गुरनाम सिंह चढू़नी का भाकियू से कोई वास्ता नहीं : मान
रतन मान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन एक पंजीकृत संस्था है, ऐसे में भारतीय किसान यूनियन का नाम घसीटना अति गंभीर और संवेदनशील है। कानूनी विशेषज्ञों की राय ली जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। रतनमान ने कहा कि कथित शुगर मील घूसकांड में भारतीय किसान यूनियन का नाम घसीटा गया है, जिससे यूनियन का कोई वास्ता नहीं है। यह यूनियन को बदनाम करने की साजिश है। गुरनाम सिंह चढू़नी का भारतीय किसान यूनियन से कोई वास्ता नहीं है। वे न तो यूनियन के सदस्य हैं और न ही पदाधिकारी हैं।-रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू।
पहले भी कर चुके हैं रिश्वत देने की कोशिश : चढू़नी
इस मामले में भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी ने बताया कि इससे पहले भी पिकाडली शुगर मिल के कर्मचारी मुझे रिश्वत देने की पेशकश कर चुके हैं। परंतु अबकी बार मैंने यह राशि केवल इसलिए ली थी कि मिल प्रबंधकों की असलियत को सबके सामने लाया जा सके। यह घटना 20 दिन पहले की है, मैं भारतीय किसान यूनियन का प्रदेशाध्यक्ष हूं, किसी के कहने से कुछ नहीं होता। मैंने हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ी है और लड़ता रहूंगा।
किसानों के हित में प्रयोग की जाएगी राशि : चहल
पिकाडली शुगर मिल के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी रामपाल शर्मा द्वारा भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी को एक लाख रुपये की रिश्वत किसानों की आवाज दबाने के लिए दी गई थी। गुरुवार हुई मीटिंग में सार्वजनिक तौर पर निर्णय लिया गया कि यह राशि मिल प्रबंधकों को ना दी जाए, अपितु यह राशि किसानों के हितों के लिए प्रयोग की जाए।
-रामपाल चहल, प्रधान, गन्ना संघर्ष समिति।
मैंने नहीं दी किसी को रिश्वत : शर्मा
इस मामले में पिकाडली शुगर मिल के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी रामपाल शर्मा ने कहा कि, मैंने गुरनाम सिंह चढू़नी को किसी भी प्रकार की कोई रिश्वत नहीं दी है। पैसे देने के आरोप निराधार हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
नहीं आई रिश्वत की शिकायत : डीएसपी
मिल के अधिकारियों द्वारा भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष को रिश्वत देने के बारे में हमारे पास कोई भी शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आएगी तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
-कुशल पाल सिंह, डीएसपी।