अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही, दूसरे सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने भी समर्थन देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्ण पार्क में एकत्रित होकर कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन किया और सरकार से मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन भी किया। वहीं, दूसरी ओर हड़ताल पर गए 37 रोडवेज कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिनके घर में नोटिस पहुंच गए हैं। बसों की बात करें तो दिनभर रोडवेज की करीब 144 बसे सड़कों पर दौड़ीं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के प्रतिनिधि सुरेश कुमार लाठर ने दावा करते हुए कहा कि प्रदेश के समस्त विभागों में तैनात कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ हैं और लगभग 150 कर्मचारी संगठनों ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया है। करनाल रोडवेज जीएम जितनी बसें चलाने के दावे कर रहे हैं वह कोरा झूठ है। अधिकतर बसें बस अड्डे पर ही खड़ी रहती हैं। मानव सेवा संघ के बाहर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सुरेश लाठर ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांग के आगे सरकार को झुकना ही पड़ेगा। कर्मचारी जनहित के मुद्दे पर लड़ाई लड़ रहे हैं। रोडवेज के बेड़े में 720 प्राइवेट बसों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। कर्मचारी कुर्बानियां देने के लिए भी तैयार बैठे हैं। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेताया है कि बातचीत के माध्यम से समस्या का
हल नहीं किया तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। सुरेश लाठर ने बताया कि सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, आल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन, एचएसईबी वर्कर यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, मिड-डे मील वर्कर यूनियन, आईटीआई कर्मचारी व छात्रों ने खुला समर्थन हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों को दिया है। सरकार हठधर्मिता छोड़ कर कर्मचारियों से बातचीत करे। फतेहाबाद में कर्मचारियों पर पुलिस केलाठीचार्ज की निंदा की गई। इस अवसर पर रोडवेज यूनियनों के प्रधान वीरेंद्र, सुखविंद्र, किरपाल लाडी, काला राणा, राजकुमार जंजो, अशोक मान, राकेश कुमार, सुरेश लाठर, संजीव कुमार, सुरेश व नरेश मौजूद रहे।