अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों में गंदे पानी की उचित निकासी के लिए हल खोज लिया गया है। इसके लिए जिले की ग्राम पंचायतों में तरल कचरा प्रबंधन के लिए प्रथम चरण में सभी खंडों में से दो-दो ग्राम पंचायतों को चयनित करके सोखते गड्ढे बनाएं गए हैं। इस कार्य के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा गांवों में जाकर ग्राम पंचायत के सहयोग से ग्रामीणों को सोखते गड्ढे बनाने के प्रति जागरूक किया गया। एडीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि गंदे पानी के उचित समाधान के लिए सोख्ता गड्ढा एक अच्छा विकल्प है, जिसे कम लागत में आसानी से तैयार किया जा सकता है। भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए यह काफी कारगर सिद्ध हो रहा है। यह रेतीली जमीन वाली ग्राम पंचायतों में ज्यादा बेहतर सिद्ध होगा। इसके लिए प्रथम चरण में खंड घरौंडा की सदरपुर, गढ़ी भरल, खंड इंद्री की जैनपुर सादान व नठौंडी, खंड करनाल की डबरकी कलां, नसीरपुर, ग्राम पंचायत को लिया गया। इन सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 192 सोख्ते गड्ढे बनवाए गए हैं। एडीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिला की ग्राम पंचायतो सोख्ते गड्ढे बनाने का मुख्य उद्देश्य जिला की चयनित ग्राम पंचायतो को नाली रहित बनाना है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए खंड घरौंडा, इंद्री व करनाल की दो-दो ग्राम पंचायतें चयनित की गई थी। अब यह ग्राम पंचायतें पूर्णयत: नाली रहित हो चुकी हैं अब यह पंचायतें अन्य पंचायतो के लिए रोल मॉडल का कार्य करेंगी।