अमर उजाला ब्यूरो
असंध (बल्ला) करनाल। कुरुक्षेत्र से सांसद एवं लोकतंत्र सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सैनी की 15 जुलाई को कस्बे के गांव बल्ला में होने वाली जनसभा को विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ सैनी की जनसभा को लेकर तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर इसी दिन ग्रामीणों की ओर से जिलास्तरीय भाईचारा सम्मेलन बुलाया गया है। ऐसे में दोनों तरफ से टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने बैठक करके चेताया है कि वे सैनी की जनसभा नहीं होने देंगे, इतना ही नहीं गांव के रास्ते से भी नहीं निकलने देंगे। बढ़ते तनाव को लेकर एसडीएम और डीएसपी ने दोनों पक्षों से बात की, लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं हुआ है। पूरे मामले पर प्रशासन नजर रखे हुए हैं। बल्ला गांव में होने वाली सांसद की जनसभा को को लेकर मंगलवार को पूरा दिन पंचायतों का दौर चलता रहा। असंध के एसडीएम अनुराग ढालिया द्वारा गांव में बढ़े रहे तनाव को देखते हुए मंगलवार सुबह मूनक रेस्ट हाउस में दोनों पक्षों की बैठक बुलाई। इसमें दोपहर तीन बजे तक दोनों पक्षों के साथ बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन अंत में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। इस दौरान जहां कार्यक्रम के आयोजक राजकुमार सैनी को गांव में लाने पर अड़े रहे, वहीं दूसरे पक्ष ने कहा कि राजकुमार सैनी के गांव में आने से गांव का भाईचारा खराब होगा। इसलिए सांसद को गांव में नहीं आने दिया जाएगा। इस बैठक में एसडीएम अनुराग ढालिया के अलावा डीएसपी विरेंद्र सैनी व डीएसपी राजीव मौजूद रहे। इसके बाद बल्ला गांव में देर सायं दोनों पक्षों की अलग-अलग पंचायतें हुईं।
बल्ला गांव के सरपंच दिलावर मान ने बताया कि धौली चौपाल में हुई पंचायत में निर्णय लिया गया कि वह राजकुमार सैनी को न गांव में आने देंगे और न ही गांव गोल्ली जाने के लिए बल्ला गांव के रास्ते से निकलने देंगे। इसके लिए वह बुधवार को करनाल डीसी व एसपी से मिलकर राजकुमार सैनी का रास्ता बल्ला से बदल कर कहीं ओर से करने की मांग करें, अगर उनकी मांग को नहीं माना गया तो इसके बाद प्रशासन स्वयं जिम्मेवार होगा।
गांव के बाहर कार्यक्रम पर भी नहीं बनी सहमती
मूनक विश्राम गृह में प्रशासन की देखरेख में हुई दोनों पक्षों की बैठक में जहां गांव के बाहर सांसद का कार्यक्रम करवाने को लेकर एक बीच का रास्ता निकाला गया। कार्यक्रम के आयोजक पक्ष की तरफ से गांव के बाहर निर्माणाधीन धर्मशाला में कार्यक्रम करवाने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन दूसरे पक्ष द्वारा इसका विरोध करते हुए कहा गया कि गांव के अंदर या बाहर कहीं पर भी कोई कार्यक्रम नहीं होगा। सांसद को गांव में ही नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपस में कोई बातचीत नहीं की और बैठक बिना सहमती के समाप्त हो गई।
एक जाति विशेष के लोग कर रहे विरोध : पांचाल
दूसरी तरफ लोकतंत्र सुरक्षा मंच के जिला अध्यक्ष मंजीत पांचाल, कार्यक्रम के आयोजक भूप सिंह बैरागी व सोमबीर बैरागी का कहना है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने, मीटिंग करने व कही भी आने जाने का अधिकार है। बल्ला गांव में एक जाति विशेष के लोग बिना किसी कारण के बात को तूल दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग कानून को ताक पर रख सांसद को गांव में आने से रोक रहे हैं। हम भी गांव में भाईचारा चाहते हैं। हमने तो ये तक बोल दिया है कि सांसद सिर्फ कार्यकर्ताओं से मिलेंगे व पानी पीकर चले जाएंगे। वो कोई भाषण भी नहीं देंगे, लेकिन इसके बावजूद भी एक जाति विशेष को उनके आने पर आपत्ति है।
15 जुलाई को होगा भाईचारा सम्मेलन : मान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष नफे सिंह मान ने बताया कि डेढ़ महीना पहले ही गांव में जिला स्तरीय भाईचारा सम्मेलन करने की तारीख तय हो गई थी, जो कि 15 जुलाई को ही बल्ला की अनाज मंडी में होना है। इसमें 36 बिरादरी के लोग एकत्रित होकर यह संदेश देंगे कि जो 35 बिरादरी का नारा लगाया जा रहा है वो गलत है और भाईचारा खराब करने के लिए है। वहीं, सरपंच दिलावर मान का कहना है कि एक व्यक्ति जो हमारे समाज के खिलाफ हमेशा जहर उगलता है, उसको गांव में नही आने दिया जाएगा, यह निर्णय 36 बिरादरी द्वारा लिया गया है।