निर्माण में गड़बड़ी पर निगम आयुक्त हुए सख्त, ठेकेदार हुए पस्त
-निमयों पर खरा नहीं उतरने पर आधा दर्जन ठेकेदारों की रोकी पेमेंट, कई पर पैनल्टी ठोकी
-नाले के निर्माण में कमी पर सुपरवाइजर बर्खास्त, अधिकारियों में हड़कंप
फोटो संख्या-10
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सही नहीं पाये जाने को लेकर सख्त रवैया अपनाया हुआ है। पिछले आठ माह में आयुक्त ने ठेकेदारों पर कड़ी लगाम कसी है। अब तक आधा दर्जन से ज्यादा ठेकेदारों की पेमेंट रोक दी गई, साथ ही कई पर पैनल्टी ठोकी गई है। लापरवाही बरतने पर निगम के आयुक्त ने बुधवार को एक सुपरवाइजर को भी बर्खास्त कर दिया है। निगम आयुक्त का कहना है कि किसी भी गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। गलत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वो ठेकेदार हओं या फिर कर्मचारी अधिकारी। आयुक्त के कड़े फैसलों से ठेकेदारों समेत अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि निगम आयुक्त ने करीब आठ माह पहले करनाल में बतौर आयुक्त कार्यभार संभाला था। अहम बात यह है कि निगम आयुक्त खुद हर विकास कार्य का मुआयना करते हैं और खुद ही सैंपल लेते हैं। निर्माण व गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर निगम आयुक्त अब तक आधा दर्जन से ज्यादा ठेकेदारों की पेमेंट रोक चुके हैं, साथ ही कई पर जुर्माना भी ठोक चुके हैं। वहीं, एक ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेट भी किया गया है। इससे पहले रेलवे रोड पर ग्रील लगाने वाली फर्म पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले ठेकेदारों पर निगम प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में अमर उजाला ने जब डा. आदित्य से बात की तो उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि जीरो टोलरेंस पर काम हो, साथ ही गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न हो। अगर कोई गलत कार्य करेगा तो उसकी पेमेंट रोकी गई है और आगे भी रोकी जाएंगी। वहीं, अधिकारियों को भी चेताया कि वे ठेकेदारों के कार्यों पर लगातार निगरानी रखें, ताकि शहर को अच्छी व क्वालिटी की सड़कें व अन्य चीजें मिल सकें।
नाला निर्माण में गड़बड़ी, लिया कड़ा एक्शन
बुधवार को आयुक्त डा. आदित्य दहिया लाईन पार एरिया में शिव कॉलोनी के साथ लगती रजवाहा रोड पर बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे नाले के निरीक्षण के दौरान कार्य की गुणवत्ता सही न पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार की पेमेंट रोकने के आदेश के साथ-साथ एक सुपरवाइजर को भी बर्खास्त कर दिया। उन्होंने इस कार्य से संबंधित जेई को भी निर्देश दिए कि वे समय-समय पर साईट का दौरा करते रहें। आयुक्त ने वार्ड-17, 18, 19 व 20 में चल रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया।
दोबारा गड़बड़ी पाई तो वर्क टर्मिनेट होगा
रजवाहा रोड पर यह नाला 1 करोड़, 22 लाख रुपये की से बनना है और रोड के दोनों ओर पक्के नाले व उनपर स्लैब डाले जाने हैं। इसका कार्य ईसान इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म कर रही है, इसके ठेकेदार चंद्रवेश हैं। आयुक्त द्वारा चेकिंग करने पर मौके पर ही बजरी और कोरसेंट की पुअर क्वालिटी के ढेर लगे थे, जो नाले के निर्माण के लिए मंगवाए गए थे। आयुक्त ने मैटिरियल को देखकर ठेकेदार को कहा कि इसे तुरंत उठवाएं और इसकी जगह अच्छा मैटिरियल मंगवाएं, ताकि निर्माण में मजबूती और लम्बे समय तक टिकाऊपन बना रहे। उन्होंने ठेकेदार से कहा कि वे निर्माणाधीन नाले के साथ-साथ मिट्टी की भरत का काम पूरा करें, ताकि इनमें बारिश का पानी जमा ना हो सके। उन्होने यह भी चेतावनी दी कि दोबारा इंस्पेक्शन के दौरान काम ठीक नहीं पाया गया तो, वर्क टर्मिनेट कर दिया जाएगा।
यहां भी किया निरीक्षण
आयुक्त ने वार्ड-19 के गांधी नगर में वर्षों पुराने गंदे नाले के साथ लगती एक जगह को दुरूस्त करके वहां लगाई गई इंटरलॉकिंग टाइल के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड नम्बर-20 के सैदपुरा में जाकर वहां छोटे नालों की मुरम्मत और उन पर डाली गई स्लैब का भी निरीक्षण किया। गंदे पानी की निकासी की समस्या से निजात पाने के लिए, सैदपुरा के अतिरिक्त इसी वार्ड के धौलगढ़ व उचाना में भी छोटे नालों की मरम्मत और स्लैब के कार्य साढ़े 9 लाख रुपये की लागत से करवाए गए हैं। आयुक्त ने वार्ड-18 की प्रेम कॉलोनी में सड़कों पर किए गए पेचवर्क का भी निरीक्षण किया। यह कार्य 10 लाख रुपये में करवाया गया है। जहां-जहां पैच लगवाए गए थे, वहां फीता लगवाकर पैमाइश करवाई गई।