करनाल। दो युवकों को मेलबोर्न भेजने के नाम पर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। रकम लेने के बाद फर्जी वीजा और नकली टिकटें थमा दी गईं। आरोपी संदीप ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी संदीप मलिक, उसकी पत्नी निशा, दोस्त विक्रांत मलिक और दीपिका मलिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गांव नरूखेड़ी निवासी सुरेश कुमार ने इस बारे में पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि अपने बेटे सागर को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए अप्रैल, 2024 में उनकी मुलाकात रिश्तेदार टीनू के माध्यम से संदीप मलिक से हुई। उसने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि वह उसकी पत्नी निशा, दोस्त विक्रांत मलिक और दीपिका मलिक के साथ मिलकर विदेश भेजने का काम करते हैं। आरोपियों ने दावा किया कि वे कई युवकों को मेलबोर्न भेज चुके हैं और वहां नौकरी भी दिलवाई।
सुरेश और उनके रिश्तेदार योगेश आरोपियों की बातों में आ गए। योगेश व सागर को विदेश भेजने के लिए 30-30 लाख रुपये के हिसाब से 60 लाख रुपये में बात तय हुई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में 10 लाख रुपये नकद दिए। शेष राशि अलग-अलग समय में दी गई। कुछ समय बाद सुरेश को सागर और योगेश का वीजा और दिल्ली से सिंगापुर व मेलबोर्न की टिकट थमा दी गई। बताया गया कि 29 जून को फ्लाइट है और मेलबोर्न एयरपोर्ट पर उनका आदमी मौजूद रहेगा। सागर ने अपना सामान तैयार कर लिया लेकिन फ्लाइट से कुछ देर पहले संदीप ने फोन करके कहा कि कुछ कारणों से अब सागर नहीं जा सकता इसे बाद में भेजेंगे।
ऐसे में शंका होने पर पीड़ित परिवार ने दस्तावेज को चेक करवाया तो वीजा फर्जी और टिकट पहले से ही कैंसिल करवाई हुई मिली। इसके बाद उन्होंने संदीप मलिक से रुपये वापस मांगे तो बहाने बनाने लगा। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।