माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में कई कंपनियों, संस्थानों और बड़े व्यवसायियों ने विज्ञापन प्रदर्शन के लिए निजी भवनों पर अनाधिकृत रूप से बिज्ञापन स्टैंड (स्ट्रक्चर्स) और यूनीपोल बनवा लिए हैं। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा की नजर इन पर पड़ चुकी है। उन्होंने इन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 संस्थानों को नोटिस दिया है।
इनमें 52 पर 10-10 हजार रुपये (कुल पांच लाख 20 हजार) और जीटी रोड पर हवेली रिसोर्ट पर एक एलईडी लगाकर विज्ञापन प्रदर्शित करने पर 46 हजार 630 रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
इसके साथ ही सोमवार से इन अवैध स्टैंड और यूनीपोल को हटाने का एलान भी कर दिया है, इसके लिए प्रवर्तन टीम का भी गठन कर दिया है। निगमायुक्त डॉ. शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को कुरूप करते अवैध विज्ञापन बोर्ड, फ्लैक्स, बैनर, होर्डिंग व पोस्टर को शहर में अवैध तरीके से प्रदर्शित करने पर जिनको नोटिस दिया गया है, उनमें 17 भवन स्वामी और 35 संस्थान हैं, जिन पर 10-10 हजार रुपये तथा जीटी रोड स्थित हवेली रिसोर्ट पर एक एलईडी स्क्रीन के जरिए विज्ञापन प्रदर्शित करने पर 46 हजार 630 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कुल 53 संस्थानों व व्यक्तियों पर पांच लाख 66 हजार 630 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संबंधित संस्थानों को हिदायत दी गई है कि वह अपनी जुर्माना राशि को नगर निगम करनाल कार्यालय में जमा करवा दें। यदि कोई संस्थान जुर्माना राशि जमा नहीं करवाएगा, तो उस राशि को संबंधित व्यक्ति के संपत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा।
निगमायुक्त ने इन संस्थानों व व्यक्तियों को अपने भवनों से अवैध स्ट्रक्चर्स को स्वयं ही हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 तथा हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1989 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय की ओर से भी अवैध विज्ञापन हटाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं और राज्य सरकार भी इसे लेकर लगातार निगरानी कर रही है।
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