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तिहरा ब्लाइंड मर्डर : एसआईटी गठित, पुलिस की जांच अटकी, घायलों के बयानों से सुराग की आस

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। मेरठ रोड पर मंगलौरा पुलिस चौकी से महज 500 दूरी पर स्थित मंदिर के अंदर दो पुजारियों व एक सेवादार के ब्लाइंड मर्डर मामले में जांच के लिए एसपी ने एसआईटी गठित की है। घरौंडा के डीएसपी वीरेंद्र सैनी के नेतृत्व में बनी एसआईटी में सीआईए वन के इंचार्ज वीरेंद्र सिंह व थाना प्रभारी मधुबन राजकुमार एसआईटी में शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने लूटपाट और जीभ काटने की वारदात से इंकार किया है। फिलहाल पुलिस इसे रंजिश का मामला मानकर तफ्तीश कर रही। वारदात में पुलिस किसी भी प्रकार के हथियार के प्रयोग से भी इंकार कर रही है। वारदात लाठी और डंडों (पेड़ से तोड़ी गई मोटी लकड़ी) से अंजाम दिया गया है। घटनास्थल से पुलिस ने ऐसी कई लठ बरामद किये हैं। यहां तक आकर पुलिस की जांच अटक गई है। पूरे मामले को ट्रेस करने के लिए पुलिस की जांच अब मौत से जूझ रहे दोनों घायलों निजी अस्पताल में दाखिल पंडित अजय व पीजीआई चंडीगढ़ में एडमिट सेवादार हरजिंद्र के बयानों पर टिकी है। क्योंकि पूरे घटनाक्रम के वे ही दो प्रत्यक्षदर्शी हैं। फिलहाल दोनों में से कोई भी बोलने की स्थिति में नहीं है। दोनों पुलिस सुरक्षा में हैं। उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को पुलिस घायलों से बात करके अपनी जांच आगे बढ़ाएगी।

अरूण व उसके साथियों पर शक
मृतक के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आसपास के करीब दस युवकों को हिरासत में लिया हुआ है, पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस फिलहाल इस ब्लाइंड मर्डर में एक एंगल अरूण पर काम कर रही है। हालांकि, एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया इस बात का दावा करते हैं कि जांच में सामने आया है कि ये लूट का मामला नहीं है, बल्कि ये दिखाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा, एसपी ये भी बताते हैं कि तीनों की मौत और दो घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में कहीं भी कोेई तेज धारदार हथियार की चोट नहीं आई है, सभी में ब्लंड चोट हैं। ये चोट पेड़ की मोटी टहनी की हैं। ऐसे में आशंका है कि बदमाशों ने डंडों से ही सभी को पीटा और सभी को मरा समझकर वे वहां से निकले। ऐसे में अरूण व उसके साथियों द्वारा ये वारदात किए जाने की आशंका है।
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अरूण का रिकार्ड है क्रिमनल, विवाद भी हुआ था
मृतकों के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गांव मंगलौरा के अरूण उर्फ गंजा के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी ने बताया कि अरूण का पुराना रिकार्ड क्रिमनल का है। उस पर पहले ही लूटपाट व मारपीट के केस दर्ज हैं। ऐसे में इस वारदात को अंजाम देने में अरूण पर भी पुलिस काम कर रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने अरूण को हिरासत में ले रखा है और उससे पूछताछ जा रही है, लेकिन पुलिस कोई खुलासा नहीं कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामला का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल सुराग जुटाए जा रहे हैं। बता दें कि सेवादार हरजिंद्र का शिवरात्रि से एक दिन पहले अरूण के साथ मंदिर में चप्पलों समेत चढ़ने को लेकर विवाद हुआ था, इसलिए वारदात को इस वजह से भी जोड़ा जा रहा है।

सीन आफ क्रा इम टीम ने तीन बार किया मंदिर का मुआयना
इस वारदात के बाद एसपी के निर्देश पर शहर के मंदिरों में पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर वहां की सुरक्षा का जायजा लिया और मंदिर में रहने वाले पुजारियों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया है। मधुबन की सीन आफ क्राइम टीम ने सोमवार को तीन बार अलग अलग घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत एकत्रित किये। साथ ही मंगलौरा चौकी पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली। बता दें कि फिलहाल मंदिर पर ताला लगा दिया गया है और किसी भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।

नहीं काटी जीभ, पेड़ की टहनियां को बनाया हथियार
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने साफ कर दिया कि आरोपियों ने किसी की जीभ नहीं काटी है, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी कोई बात सामने नहीं है। इससे अलग यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने मंदिर के समीप पेड़ से मोटी टहनियां तोड़ी हैं और उन्हें हथियार बनाकर पंडितों व सेवादार पर हमला किया है।

यूपी में हुए महले, मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई
बता दें कि यूपी में इससे पहले कई मं दिरों में इस प्रकार की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। इसी थ्यूरी के तहत पुलिस ने शहर समेत आसपास के मंदिरों की सुरक्षा को लेकर संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे चेकिंग करें। रविवार रात को जिलेभर की पुलिस ने अपने अपने क्षेत्र के मंदिरों में चेकिंग की और वहां रहे लोगों से पूछताछ भी की।
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तिहरे हत्याकांड में पुलिस अलग अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। एसआईटी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लूट का मामला नहीं है, बल्कि कहीं न कहीं रंजिश दिखती है। दूसरा, इसमें किसी गिरोह या फिर तंत्र मंत्र करने वालों का भी हाथ नहीं लगता, क्योंकि वारदात में बदमाशों ने किसी तेज हथियार आदि का प्रयोग नहीं किया है, बल्कि टहड़ियों से सभी की पिटाई की है। मामले को लेकर कुछ क्लू मिले हैं, उनके आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के लिए सबसे अहम घायलों का बयान होंगे, क्योंकि वे दोनों ही पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी हैं। उनसे बात करके ही जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। -सुरेंद्र भोरिया, एसपी, करनाल।
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