अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले कई दिनों से हुई बरसात के कारण सब्जी मंडी में हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। जो हरी सब्जी 15 दिन पहले 20 रुपये प्रति किलोग्राम मिलती थी, वो आज दो 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो चुकी है। अब आलम यह है कि आम 20 रुपये प्रति किलोग्राम है और घीया 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। यदि ब्रोकली की बात करें सेब से भी ज्यादा 300 रुपये प्रति किलोग्राम का रेट है। सब्जियों के बढ़ते रेट के कारण रसोई घर का बजट गड़बड़ा गया है। इससे महिलाओं की रसोई बजट बिगड़ गया है। सब्जी मंडी में भी रौनक कम हो गई है, क्योंकि सब्जियों के रेट सुनकर महिलाएं सब्जी खरीदने से पीछे हटने लगी हैं। सब्जियों के रेट बढ़ने से लोगों का खर्च अचानक से बढ़ गया है।
लोकल सब्जी कम, दिल्ली से आ रही हैं सब्जियां
सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेता वरूण गांधी ने बताया कि बरसात के कारण लोकल सब्जी कम हो गई है। इस कारण सब्जी मंडी में सारी सब्जियां दिल्ली से आ रही हैं। यही कारण है सब्जियों का रेट ज्यादा है। अक्सर इन दिनों में सब्जियों के रेट में उछाल आता है। रेट बढ़ने के कारण ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है। सब्जी की आवक कम होने के कारण पीछे से ही महंगी सब्जी मिल रही हैं।
धान लगाने व बारिश में नष्ट हो गई सब्जियां
किसान रमेश, कृष्ण कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने सब्जियां लगाई हुई थी उनकी आधे से ज्यादा सब्जियां तो बारिश में ही नष्ट हो गई। इससे अलग अधिकृत लोगों ने सब्जी वाले खेत में धान की रोपाई करनी थी, तो उन्होंने सब्जी ही उजाड़ी दी। यही कारण है कि लोकल सब्जी मंडी में कम जा रही है, आने वाले समय में यह भी कम जो जाएगी। इसलिए सब्जी के रेट बढ़ने ही हैं।
हरी सब्जी रेट
अब - 15 दिन पहले
ब्राकली - 300 - 150
शिमला मिर्च- 120 - 80
मटर - 130 -100
टिंडस - 100 -60
घीया - 80 -30
खीरा - 80 -60
गोभी - 80 -60
तोरी - 50 -30
हरा पेठा - 40 -20
टमाटर - 40 -30
आलू - 25 -25
(ये शहर के अंदर सब्जी दुकान के रेट हैं)