नई अनाज मंडी में गेहूं उठान को लेकर तनाव, दोनों यूनियन आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नई अनाज मंडी में गेहूं के उठान का लेकर मंडी के दोनों प्रधानों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। जल्द ही अनाज मंडी में गेहूं का उठान समस्या बनने वाला है। इससे अनाज मंडी में गेहूं उठान को लेकर रिश्वतखोरी का गोरखधंधा भी शुरू हो सकता है। गेहूं उठान को लेकर बुधवार को अनाज मंडी के दोनों प्रधान रजनीश चौधरी और बेअंत सिंह अन्य आढ़तियों के साथ एसडीएम से मिले। वहां एसडीएम नरेंद्र सिंह मलिक ने दोनों प्रधानों को मिलजुल कर कार्य करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। वह मीटिंग से उठकर वापस मंडी में पहुंच गए। इस मामले में गुरुवार को दोबारा मीटिंग होगी।
बता दें कि अनाज मंडी में गेहूं उठान का कार्य सरकारी एजेंसियों करती हैं। पिछले दो साल से नई अनाज मंडी प्रधान ट्रक चालक को टोकन लेकर गेहूं उठान के लिए आढ़ती के पास भेजता था, जिससे अनाज मंडी में गेहूं का उठान सुचारु हो सके। अब अनाज मंडी में दो प्रधान बन चुके हैं। इसलिए दोनों प्रधान गेहूं उठान का कार्य अपने हाथों में लेना चाहते हैं। यह उठान ही दोनों प्रधानों में तनाव का कारण बना हुआ है। ऐसे में दोनों यूनियन अपने पास उठान रखने के लिए टोकन लेना चाह रही हैं।
आढ़ती बोले, फिर से शुरू हो सकती अवैध वसूली
करीब दो साल पहले अनाज मंडी में गेहूं उठान के लिए आढ़ती ट्रक चालक को पांच रुपये प्रति कट्टा देता था, जिससे उसकी दुकान से गेहूं का उठान पहले हो सके। इस प्रक्रिया से अनाज मंडी में गेहूं का उठान सुचारु नहीं हो रहा था। क्योंकि, बड़े आढ़ती तो ट्रक चालक को रुपये देकर अपनी दुकान के आगे से गेहूं उठवा लिया करते थे, लेकिन छोटे आढ़तियों की दुकान के आगे गेहूं की बोरियों का ढेर लगा रहता था। इस बारे में एसडीएम नरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उठान के लिए प्रशासन गंभीर है।
तीन साल पहले एसडीएम योगेश ने बंद कराई थी अवैध वसूली
कई साल से गेहूं उठान को लेकर प्रति बोरी अवैध वसूली का कार्य मंडियों में चलता आया है। तीन साल पहले भी करनाल मंडी में गेहूं उठान के लिए आढ़तियों से तीन रुपये बोरी वसूली जा रही थी। इस मामले की भनक जब तत्कालीन एसडीएम योगेश कुमार को लगी तो उन्होंने इस पर कड़ा संज्ञान लिया। एसडीएम ने आढ़तियों और ट्रांसपोर्ट ठेकेदार समेत कमेटी अधिकारियों की बैठक ली और इस अवैध वसूली को बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही चेताया था यदि किसी ने इसको बढ़ावा दिया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जाएगी। इसके बाद से आज तक मंडी में उठान के नाम पर अवैध वसूली बंद है। नंबर से आढ़तियों की दुकानों से गेहूं का उठान होता है।