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ये कैसी स्वच्छता कार्यशाला? कड़ाके की ठंड में महिलाओं को जमीन पर बैठाया, पु्रुषों को कुर्सी तक नहीं मिली

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भाजपा नेता और अधिकारियों को मिलीं कुर्सियां, ठंड में जमीन पर बैठने को मजबूर हुई महिला शक्ति
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा की ओर से आयोजित स्वच्छता कार्यशाला और विकास सदन का कांफ्रेंस हॉल। बड़े चाव के साथ ग्रामीण और शहरी सफाई कर्मचारी पहुंचें। हॉल में कुर्सियां केवल 30 थीं, इसलिए जो पहले कुर्सी पर जम गया, वो उठा नहीं। महिलाओं को कोई कुर्सी नहीं मिली। भाजपा जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, योगेंद्र राणा समेत स्वच्छ भारत मिशन के वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र सामने की सीट पर बैठे। सीटें कम होने पर आनन-फानन में महिला सफाई कर्मचारियों को ठंड के बावजूद जमीन पर ही बैठना पड़ा। इसी प्रकार 100 के करीब अन्य सफाई कर्मचारी कुर्सियों के चारों ओर खड़े रहे। पूरी कार्यशाला में इसी प्रकार के हालात रहे। खास बात यह रही कि 30 में से एक भी महिलाओं को कुर्सी नहीं मिली, जबकि रोडवेज बस में भी 15 सीटें आरक्षित होती हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि किसी भाजपा नेता व वाइस चेयरमैन ने महिलाओं को कुर्सियों पर बैठाना तो दूर ये बात तक नहीं कहीं। सवाल यह है कि जब कर्मचारियों को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिली तो वे इस कार्यशाला से क्या सीख कर गए होेंगे।

चेयरमैन साहब, हमें सरपंचों के शोषण से बचाओ
कार्यशाला में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का दर्द छलका। कर्मचारी नेताओं ने स्वच्छ भारत मिशन के वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र के सामने दुखड़ा रोते हुए कहा कि हमें सरपंचों के शोषण से बचाया जाए। वे हमारे साथ मनमानी करते हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह ने सफाई कर्मचारियों की मांग रखते हुए बताया कि सरपंचों के शोषण से बचाया जाए, सफाई कार्यों से जुडे़ संसाधन मुहैया करवाए जाएं, बीमारी के समय अवकाश का प्रावधान किया जाए, महिला सफाई कर्मचारियों को प्रसव अवकाश दिया जाए। इस पर वाइस चेयरमैन ने कहा सरपंचों को चेताते हुए कहा कि सरपंच सफाई कर्मचारियों को अपना नौकर न समझें, ये सरकार के कर्मचारी हैं। नये साल से ग्रामीण कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 7 तारीख को बैंक में पहुंचा करेगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भी अपने कार्य का स्वयं आंकलन करना होगा, ताकि हरियाणा प्रदेश स्वच्छता का आदर्श बन सकें।
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बनाया जाएगा सामाजिक सुरक्षा नियम
कार्यशाला में भारतीय मजदूर संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जग बहादुर यादव ने भी संबोधित किया और स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र के समक्ष सफाई कर्मियों की समस्याएं रखी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सकारात्मक सोच है, वह सफाई कर्मियों के हितों का पूरा ध्यान रखते हैं। सरकार जल्दी ही सामाजिक सुरक्षा नियम बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरपंच सफाई कर्मियों को अपना नौकर ना समझें, यह सरकार के कर्मचारी हैं। सफाई कर्मियों की वेतन विसंगतियों को जल्द ही दूर करवाया जाएगा।

किया जाएगा समस्याओं का समाधान
कार्यशाला में कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के सफल आयोजन व कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा तथा उनके विकास के लक्ष्य को लेकर प्रदेश भर में कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और अब तक 22 जिलों में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन हो चुका है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से कर्मचारियों की ओर से जो मांग व सुझाव आ रहे हैं, सभी जिलों की कार्यशालाओं के आयोजनों के बाद सरकार के समक्ष रखा जाएगा और उनका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे स्वच्छता सैनिक की तरह काम करें। भाजपा के जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच है कि हर वर्ग के लोगों का एक समान सम्मान और विकास हो। इसके लिए सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं लागू करके प्रदेश के लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया है। इस अवसर पर भाजपा के जिला महामंत्री योगेंद्र राणा, राजबीर शर्मा, नगर निगम के सहायक आयुक्त रोहताश बिश्नोई, सभी बीडीपीओ सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

आयोजकों को थी कम आने की उम्मीद
स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा की ओर से आयोजित कार्यशाला में आयोजकों को उम्मीद थी कि सफाई कर्मचारी कम आएंगे। हालांकि, शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी 400 की संख्या में पहुंच गए। संख्या को देखते हुए पहले कार्यक्रम पंचायत भवन में आयोजित कराने की सोची गई, लेकिन यहां पर भी केवल 200 के करीब ही कुर्सियां आती। वहीं, आनन-फानन में विकास सदन के कांफ्रेंस हाल में ही कार्यशाला रख दी गई।
व्यवस्था की जिम्मेदारी निगम की थी : सुभाष चंद्र
शहर व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग बुलाया गया था, लेकिन दोनों स्थानों के कर्मचारी अंदर आ गए और अपने आप ही बैठ गए तो कुछ खड़े हो गए। कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था नगर निगम को करनी थी। इसको लेकर निगम के कार्यकारी अधिकारी से भी बात हुई थी। मेरे आने से पहले खुद नगर निगम के डीएमसी रोहताश बिशनोई वहां पर मौजूद थे।-सुभाष चंद्र, वाइस चेयरमैन, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा।

कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन की ओर से आयोजित किया गया था, मेरे को वहां पर बतौर अतिथि बुलाया गया था। कार्यशाला को लेकर सफाई कर्मचारियों को खासा उत्साह था, इसलिए भीड़ ज्यादा हो गई। इस कारण कुछ कर्मचारी खड़े हो तो कुछ महिलाएं नीचे बैठ गई। मेरे को न तो किसी महिला ने शिकायत की है और न ही पुरुष सफाई कर्मचारी ने। सभी लोग स्वच्छता को लेकर टिप्स ले गए हैं।-जगमोहन आनंद, भाजपा जिलाध्यक्ष।
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ये एक सांझा कार्यक्रम था। नगर निगम ने अपने कर्मचारियों की व्यवस्था की हुई थी, ग्रामीण क्षेत्र से से आने वाले सफाई कर्मचारियों
की व्यवस्था बीडीपीओ को करनी थी। ग्रामीण क्षेत्र से कर्मचारी ज्यादा आने के कारण ऐसा हुआ है। निगम की ओर से व्यवस्था में कोई कमी नहीं थी। -धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम।
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