माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में करीब 45,000 लोगों ने नगर निगम की सीवर व पेयजल पाइप लाइनों से बिना निगम की अनुमति के अनधिकृत रूप से अपने घरों के लाइन जोड़ ली हैं। इससे पहले भी निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं से अपनी अनधिकृत लाइन को वैध कनेक्शन कराने के लिए कहा था लेकिन अब निगम ने इन उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। कनेक्शन नहीं लेने की स्थिति में राशि को संबंधित संपत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 41000 वैध सीवर व पेयजल कनेक्शन हैं। नियमानुसार जो पेयजल कनेक्शन लेता है, उसे साथ में ही सीवर कनेक्शन भी लेना ही होता है। खास बात ये है कि आबादी के साथ भवनों की संख्या में बढ़ती रही। नए भवनों में जब लोग रहने लगे तो उन्होंने बिना नगर निगम को बताए ही अपने घर की सीवर व पेयजल लाइन निगम की पाइप लाइनों से जुड़वा ली। सीवर व जलनिकासी सुविधा के साथ साथ पेयजल का भी उपभोग करने लगे। इससे नगर निगम को इसका कर नहीं मिल पा रहा है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके कार्ययोजना बनाकर ऐसे लोगों को कनेक्शन के लिए प्रेरित करने के साथ ही उन पर कार्रवाई करने को भी कहा है। उन्होंने बताया कि अनधिकृत रूप से सीवर व पेयजल सुविधा का उपयोग करने वाले लोग अपने कनेक्शन शीघ्र वैध करा लें। कनेक्शन लेने वाले नागरिक फीस व दस्तावेज जमा करवा दें।
इसके लिए वह सोमवार से शुक्रवार को सुबह नौ बजे से बाद दोपहर तीन बजे तक नगर निगम कार्यालय में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी मकान का पीने के पानी का कनेक्शन नाली व सीवर मेनहोल या निजी सीवर होदी से होकर गुजर रहा है, तो वह अपनी लाइन को बाहर से लें, ताकि पानी की मुख्य लाइन में गंदा पानी न जाए।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता, तो उसके कनेक्शन को बिना किसी सूचना या चेतावनी के काट दिया जाएगा। जिन व्यक्तियों का जलापूर्ति व सीवरेज बिल बकाया चला आ रहा है, ऐसे व्यक्तियों को भी नगर निगम कार्यालय में अपनी बकाया राशि जमा करवा दें। अन्यथा उनकी बिल राशि को संपत्ति कर बिल में जोड़ दिया जाएगा।
मीटर नहीं लगा तो दस गुना शुल्क
शहर में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने सीवर व पेयजल का कनेक्शन तो लिया है लेकिन अभी तक मीटर नहीं लगवाया है। निगमायुक्त ने कहा कि वाणिज्यिक स्थानों में जिन लोगों ने नगर निगम से कनेक्शन लेकर मीटर लगवाएं हुए हैं, उनका बिल, मीटर रीडिंग के अनुसार या 1500 रुपये सालाना, जो ज्यादा हो वह आता है। इसके विपरीत जिन लोगों ने मीटर नहीं लगवाएं हैं, ऐसे लोगों का सालाना बिल 15 हजार रुपये आता है। यानी करीब 10 गुना। जिस मकान मालिक ने कनेक्शन लेकर मीटर लगवाया है, उसका बिल मीटर रीडिंग के अनुसार या 720 रुपये सालाना आता है, जबकि मीटर न लगने की सूरत में 1440 रुपये सालाना देना पड़ता है। रिहायशी बिल की दर एक रुपये प्रति किलो लीटर तथा वाणिज्यिक बिल की दर चार रुपये प्रति किलो लीटर है।
कनेक्शन के लिए यह देने होंगे दस्तावेज
जलापूर्ति एवं सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को एक आवेदन लिखना होगा। आवेदन के साथ संपत्ति की रजिस्ट्री, मालिक का आधार कार्ड, फोटो, पडोसी का जलापूर्ति व सीवरेज बिल, संपत्ति कर बिल तथा परिवार पहचान पत्र की फोटोप्रति संलग्न करके नगर निगम करनाल कार्यालय में फाइल जमा करनी होगी। इसके साथ एक शपथ पत्र भी देना होगा।