आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अंग्रेजी माध्यम में प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई ना कर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है, अब ऐसे विद्यार्थी सरकारी स्कूल में अपनी इस इच्छा को पूरा कर सकेंगे। सीएम द्वारा बजट में की गई प्रदेश में एक हजार राजकीय प्राथमिक विद्यालय को संस्कृति मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा पर काम शुरू हो गया। इसके लिए मौलिक शिक्षा विभाग ने 1000 स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है। जिसमें जिले के 44 प्राइमरी स्कूलों का नाम है। इन स्कूलों में अब पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाई होगी। अगले सत्र में इन सभी स्कूलों में नए नियमों की तहत पढ़ाई शुरू होगी, जबकि अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए दाखिले इसी सत्र में ही एडवांस में किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इन स्कूलों विद्यार्थियों से फीस के नाम पर महज 200 रुपये माई स्कूल कॉंट्रिब्यूशन फंड ही चार्ज किया जाएगा, इस पैसे को भी स्कूल की सुविधाएं बढ़ाने में खर्च किया जाएगा। जिले में 21 संस्कृति मॉडल स्कूल पहले से ही चल रहे थे। अब इन्हें मिलाकर इनकी संख्या 65 हो जाएगी। पुराने चल रहे स्कूलों में भी सुविधाएं नए स्कूलों की तर्ज पर बढ़ाई जाएंगी। सरकार की इन सभी स्कूलों की मान्यता भी भविष्य में सीबीएसई से कराए जाने की योजना है। अभी फिलहाल स्कूल हरियाणा बोर्ड की मान्यता पर ही चलेंगे।
44 में से 22 स्कूल सीएम की विधानसभा में, इंद्री में महज दो
संस्कृति मॉडल स्कूल बनाए गए जिले के 44 स्कूलों में सबसे अधिक 22 स्कूल सीएम की विधानसभा करनाल के हैं। जबकि अन्य 22 स्कूल जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में पड़ने वाले पांचों खंडों में हैं। इनमें नीलोखेड़ी में 7, असंध में 6, घरौंडा में 3 और इंद्री में महज दो ही स्कूलों को संस्कृति मॉडल स्कूल का दर्जा मिलेगा।
लड़कों के साथ लड़कियां भी ले सकेंगीं दाखिले, मुख्य द्वार होंगे पहचान
जिन 44 प्राइमरी स्कूलों को संस्कृति मॉडल स्कूल बनाया गया है। इनमें चार स्कूल ही महज लड़कियों के थे। लेकिन सरकार की योजना के अनुसार, अब इन सभी 44 स्कूलों में बेटियां भी बेटों के साथ ही पढ़ाई कर सकेंगे। जहां जरूरत है वहां स्कूल के भवनों को भी आधुनिक तरीके से डेवलप करने की योजना है। इसके अलावा इन सभी स्कूलों के प्रवेश द्वार भी एक जैसे रंग और डिजाइन के बनाएं जाएंगे। ताकि इनकी दूर से ही पहचान हो सके। दीवारों पर लिखे स्लोगन और आकर्षक पेंटिंग सभी को अपनी ओर आकर्षित भी करेगी।
जानिये... किस खंड का कौना-सा स्कूल हुआ संस्कृति मॉडल-
खंड - स्कूल
करनाल - जीपीएस बुढ़ा खेड़ा, छोटी मंगलपुर, ढोलगढ़, मंगलपुर, उचाना, बड़ागांव, संगोहा, बांसो गेट, गुरुनानक पुरा, प्रेम नगर, सेक्टर-6, सेक्टर-7, शिव कॉलोनी, अर्बन अस्टेट, मॉडल टाउन, दाहा, कंबोपुरा, मदनपुर, फूसगढ़ और रामपुर कटाबाग व राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल बड़ागांव और रंबा।
नीलोखेड़ी - नीलोखेड़ी बेसिक, नीलोखेड़ी-2, आरसी तरावड़ी, तरावड़ी मॉडल, दया नगर तरावड़ी,
असंध - जीपीएस असंध-1 और 2, अरड़ाना, बल्ला मठ व सालवन-1 और 2
घरौंडा - जीपीएस डबरकी खुर्द, घरौंडा-2 और राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल फरीदपुर
इंद्री - इंद्री और गुढ़ा
निसिंग - निसिंग, गोंदर, जुंडला और राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल जुंडला
इन स्कूलों में मिलेंगी यह सुविधाएं-
-इन स्कूलों में अब सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाई होगी।
-इन स्कूलों में हमेशा स्टाफ पूरा रखा जाएगा। कम से कम पांच टीचर जरूर होंगे।
-भविष्य में इन स्कूलों में बच्चों के लिए हॉस्टल बनाने की भी योजना है।
-प्राइमरी कक्षाओं में छोटी कक्षाओं को बैग फ्री करने की भी योजना है।
-आने वाले समय में इन स्कूलों को सीबीएसई से भी मान्यता दिलाई जाएगी।
इन सभी स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम में होने से गरीब परिवारों के ऐसे बच्चों को फायदा होगा, जो अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई तो करना चाहते थे। लेकिन प्राइवेट स्कूलों की महंगी फीस के कारण दाखिला नहीं ले पाते थे। इस व्यस्था से शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा। -रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी करनाल।