अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (घरौंडा)। टोल प्लाजा के अधिकारियों के फरमान के विरोध में टोल हटाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर घरौंडा शहर दोपहर तक बंद रहा। समिति के सदस्यों ने शहर के मुख्य मार्गों से रोष मार्च निकाला और टोल अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
घरौंडा के लोगों का कहना है कि जब तक हमारी जमीन से हमें नि:शुल्क नहीं निकलने दिया जाएगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इतना ही नहीं टोल प्लाजा के खिलाफ तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। शहरवासियों ने चेताया कि टोल प्लाजा के अधिकारी हमारे संयम की परीक्षा न ले, हमें अपने हकों की लड़ाई लड़ना आता है। बेहतर होगा कि टोल प्लाजा के अधिकारी टोल की स्थिति को यथावत बहाल करें।
प्रदर्शन के बाद टोल हटाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने हलका विधायक हरविंद्र कल्याण के बीच विश्राम गृह मुलाकात की। इसमें सामाजिक संस्थाओं को आश्वासन दिया कि समस्या को कोई न कोई हल निकाला जाएगा, लेकिन जनता संयम रखे और कानून हाथ में लेने का प्रयास न करें। वीरवार को सुबह टोल प्लाजा संषर्घ समिति के सदस्य एसडी मंदिर में एकत्रित हुए और टोल अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि टोल प्लाजा के अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण हल्के में जो कोहराम मचा है। उसके लिए सामाजिक संस्थाएं सीधे तौर पर डीजीएम संजय माथुर को जिम्मेदार मानती हैं। सामाजिक संस्थाओं का तर्क है कि डीजीएम हमें कानून की परिभाषा न पढ़ाए, पहले वे स्वयं अपने गिरेबां में झांक कर देखें कि क्या उनकी कंपनी ने टोल लगाने से पूर्व भारत सरकार से किए तमाम अनुबंधों को पूरा किया है। अभी भी नेशनल हाईवे का काम आधा अधूरा पड़ा है। इसके कारण दुर्घटनाओं में अनगिनत लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
टोल हटाओ संघर्ष समिति का तर्क है कि नियम अनुसार टोल कंपनी हमारे से तब तक टोल वसूल नहीं कर सकती, जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता है। उन्होंने चेताया कि आज हमें डीजीएम गजट न दिखाएं। संघर्ष समिति ने आक्रोश भरे लहजे में कहा कि इससे पहले भी साढ़े तीन साल एक समझौते के तहत लोकल वाहन चालकों को नि:शुल्क आने जाने दिया जाता था, आज इस गजट में ऐसा क्या है?
नहीं चलने देंगे टोल कर्मियों की गुंडागर्दी
विश्राम गृह पर दोपहर बाद टोल हटाओ संघर्ष समिति व विधायक हरविंद्र कल्याण के बीच बैठक हुई। इसमें टोल फ्री किए जाने को लेकर मंथन किया गया। इसमें संघर्ष समिति ने विधायक को बताया कि टोल प्लाजा पर टोल अधिकारियों मनमर्जी कर रहे और बाउंसर बुलाए हुए हैं, जो वाहन चालकों के साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं। संघर्ष समिति का कहना है कि टोल पर सरेआम गुंडागर्दी का माहौल है। इसके कारण लोकल वाहन चालकों में दहशत बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विरूद्ध टोल प्लाजा के अधिकारियों ने डकैती, मारपीट, तोड़फोड़ के तहत मामले दर्ज करवा दिए हैं, जबकि हमारी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर विधायक ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि जनता संयम रखें। टोल कर्मचारियों की गुंडागर्दी नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने टोल अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि जनता के प्रति अपना बर्ताव ठीक रखें। उन्होंने कहा कि पूरा मामला प्रदेश मुख्यमंत्री के संज्ञान में दे दिया है और समस्या का हल निकाला जाएगा। इस मौके पर लाला सोहनलाल गुप्ता, राजिंद्र कल्याण, सुरेंद्र सिंगला, ट्रक यूनियन के प्रधान राजबीर, राजीव सेन, सरपंच एसोसिएशन प्रधान अमर सिंह, सुरेंद्र कुमार, शौकीन पहलवान, पूर्व सरपंच रमेश वर्मा, राजकुमार राणा, सतपाल राणा, मोहिंद्र सोनी, प्रवीन जग्गा, मुनीष गुप्ता, पार्षद विक्रमजीत चौहान के अतिरिक्त सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
टोल की ओर से लगातार यह बात आ रही है कि फर्जी आईडी की तादाद बढ़ गई है, जिस वजह से यह पूरा विवाद हुआ। इन फर्जी आईडी की जांच करवाई जाएगी, ताकि पात्र वाहन चालक को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। टोल अधिकारियों को अगले एक सप्ताह तक स्थिति को पूर्ववत यथावत बनाए रखने का आग्रह किया हैं, जब तक इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हो जाता, तब तक जनता को पहले की तरह यूं ही आने जाने दिया जाए। डीजीएम संजय माथुर ने जो सांसद के विरूद्ध टिप्पणी की है, वो व्यावहारिक नहीं थी, क्योंकि जनता जन प्रतिनिधियों के माध्यम से ही अपनी समस्याओं का समाधान करवाती हैं। ऐसे में संजय माथुर का बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अति निंदनीय भी है। इस मामले में सीएम से मिलकर समाधान किया जाएगा।-हरविंद्र कल्याण, विधायक, घरौंडा।