अराइपुरा में पंजाबी नाटक ‘कां और चिड़ी का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
गांव अराईपुरा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को ज्वॉयफुल एक्टिविटी डे मनाया गया। इस दौरान पंजाबी नाटक ‘कां और चिड़ी’ का मंचन किया गया। नाटक में स्कूली छात्रों ने बहानेबाजी से बचने और मेहनत करने का संदेश दिया। पंजाबी शिक्षक नरेश सैनी के निर्देशन में मंचित इस नाटक से दर्शाया गया कि मेहनत करने से ही सफलता हाथ लगती है, बहानेबाजी से नही। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने दिखाया गया कि चिड़िया गेहूं का दाना ढूंढ कर लाती हैं। वह अपने भाई कौए को दाना खेत में बीजने के लिए कहती है। कौआ पेट दर्द का बहाना बनाता है। चिड़िया अकेले गेहूं की बिजाई करती है। खेत में होने वाले कार्यों में कौआ किसी भी बीमारी का बहाना बना ले लेता है। जिससे सारा काम चिड़िया को खुद ही करना पड़ता है। गेहूं के बंटवारे के समय चिड़ियां अपनी ईमानदारी दिखाती है। तूड़ी और गेहूं में से कोई भी ढेर चुनने के लिए कौए को कहती है, लेकिन कौआ धोखा करता है और गेहूं के ढेर पर जाकर बैठ जाता है, तभी तेज तूफान के साथ बारिश होती है। चिड़िया तूड़ी के ढेर में घुस जाती है और कौआ ढेर पर ही दम तोड़ देता है। अंत में मेहनत और सच्चाई की जीत होती है। नाटक में छात्रा पायल, आंचल, दीपक, काजल, नैंसी, निखिल, मुस्कान, सुदीक्षा व बिराज, साहिल, दीपक आदि ने किरदार निभाए। इस मौके पर मुख्याध्यापक महिपाल राणा, प्राध्यापक गुरमीत सिंह, अनिल कुमार, कुलजिंद्र कौर, प्रदीप पान्नू, सुमन सहरावत, रविंद्र कुमार, शिक्षक राजकुमार शास्त्री, राजबाला, गीता, डीपी देवेंद्र सिंह, ओमप्रकाश क्लर्क, राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।