मेडिकल कालेज के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, मरीज की मौत, सीएम के पास पहुंची शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा एक मरीज की पिटाई और मीडिया कर्मियों के कैमरे तोड़ने का विवाद सुलझा भी नहीं था कि रविवार को विकास कार्यों का शिलान्यास करने आए सीएम मनोहर लाल से भी एक महिला ने डॉक्टरों की शिकायत की है। महिला ने आरोप लगाया कि पिछले माह उसके बेटे की मौत मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। महिला ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ ने उसके घायल बेटे को रेफर करने के बाद भी 15 मिनट तक अस्पताल में ही रखा। वहीं उन्हें एंबुलेंस तक भी मुहैया नहीं करवाई गई। इस पर सीएम ने मामले में जांच करने के आदेश दिए हैं। पीड़ित राखी अरोड़ा और मुकेश ने सीएम को एक लिखित शिकायत दी है। सीएम को दी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे शिवम (16) 19 जून को सुबह बाइक पर सवार होकर जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत साइड से अचानक एक कार चालक आ गया। इससे उसके बेटे शिवम की बाइक का संतुलन बिगड़कर वह गिर गया। उसका सिर कार की पिछले पहिये को लग गया। वहीं मौजूद दो अन्य बाइक और कार चालकों ने उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया। ट्रामा सेंटर में उस दिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने अपनी ड्यूूटी में कोताही बरती और उसके बेटे शिवम के इलाज में कोई भी ध्यान नहीं दिया। जब वह ट्रामा सेंटर पहुंचे तो डॉक्टर उन्हे बोले की शिवम को चंडीगढ़ रेफर किया है। उन्होंने डॉक्टरों को एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए बोला, लेकिन उन्हे एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं दी गई। जब एंबुलेंस नही मिल पाई तो उन्होंने डॉक्टरों को करनाल का कोई प्राइवेट अस्पताल सुझाने की बात कही। 15-20 मिनट के बाद डॉक्टरों ने उन्हे डॉ. अरविंद भाई अस्पताल में लेकर जाने की बात कही। वह वहां लेकर गए तो डॉक्टर अरविंद ने कहा कि उसके बेटे की हालत काफी खराब थी। ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने भी उसका ठीक से इलाज नहीं किया। घाव काफी गहरे थे, लेकिन उन्हे प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। जिस कारण उसके बेटे को ज्यादा दिक्कत आई है। इलाज के बाद अरविंद भाई ने भी उसके बेटे को रेफर कर दिया। गंगाराम अस्पताल में 23 जून को उसके बेटे की मौत हो गई। सीएम ने मामले की जांच करवाने के आदेश दिए।