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रोडवेज बस न मिलने पर यात्रियों ने किया हंगामा, ड्यूटी सेक्सन के कर्मचारी ताला लगाकर खिसके

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रोडवेज बस न मिलने पर यात्रियों ने किया हंगामा, ड्यूटी सेक्सन के कर्मचारी ताला लगाकर खिसके
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-करनाल से असंध मार्ग पर हर रोज रहती है बस न मिलने की समस्या, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरे हालात
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। प्राइवेट बसों को समय सारिणी जारी होने के बाद भी रोडवेज अधिकारी सरकारी बसों का ठीक प्रकार से संचालन नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण रोडवेज के कई कर्मचारी भी अपनी मनमर्जी करने लगे हैं। शनिवार को करनाल से असंध मार्ग पर जाने वाली बस जब यात्रियों को नहीं मिल पाई तो उन्होंने जमकर बवाल काटा। जब 7 बजकर 40 मिनट के बाद यात्रियों को साढ़े आठ बजे तक कोई बस नहीं मिली तो यात्रियों का गुस्सा फुट गया। साढ़े आठ बजे बस आई तो सवारियों की संख्या देखते हुए चालक ने भी बस ले जाने से मना कर दिया। चालक ने कहा कि तीन बसों की सवारियां एक बस में होने से कोई भी हादसा हो सकता है। वह यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बस नहीं लेकर जाएंगे।
इससे परेशान होकर असंध की ओर जाने वाले सभी यात्री नारेबाजी करते हुए वर्कशॉप के गेट पर पहुंचे। जहां यात्रियों की नारेबाजी देखते हुए ड्यूटी सेक्शन में ड्यूटी दे रहे कर्मचारी भी अपने कार्यालय को ताला लगाकर चलते बने। 7 बजकर 40 मिनट के बाद अंतिम समय साढ़े आठ बजे रोडवेज की बस काउंटर पर आई। बीच के समय की सभी सरकारी बसें अपने समय से पहले ही चली गई। अंतिम समय पर जाने वाले बस के कर्मचारियों ने भी मजबूरी बताकर बस को ले जाने से मना कर दिया। रोडवेज चालक और परिचालक ने कहा कि तीन बसों की सवारियां एक बस में जाएंगी तो कोई भी हादसा होनेेे की संभावना है। वहीं सवारियां बस की छत पर चढ़ गई। जबकि बस पर छत नहीं थी। बता दें कि डिपो के कुछ कर्मचारी अधिकारियों और अन्य दूसरे कर्मचारियों से मिलीभगत करके पहले ही बसों को निकाल देते हैं, जिससे लेट जाने वाले यात्रियों को बस नहीं मिल पाती और उन्हे परेशानी का सामना करना पड़ता है। ड्यूटी सेक्सन द्वारा बसों के संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। लेकिन अक्सर रात को आठ बजे के बाद कोई भी कर्मचारी बसों के संचालन के लिए नहीं रहता है। वहीं डिपो के पास इस समय ऑनरूट केवल 170 बसें है, अक्सर वह भी रूट पर ही खराब हो जाती है। जिस कारण बसों के संचालन में ज्यादा दिक्कत आ रही है।
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सीट नंबर के नाम पर हर रोज होते हैं झगड़े
हर रोज एडवासंरों द्वारा गलत सीट नंबर देने के कारण बसों में झगड़े होते हैं। एडवासंर एक ही सीट नंबर कई सवारियों को दे देते हैं, जिस कारण सवारी आपस में झगड़ा करती है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को देखने को मिला। असंध काउंटर पर बैठे एक एडवांसर ने सीट नंबर 17,18 और 19 तीन सवारियों को दे दी। वहीं बाद में 17 और 18 नंबर सीट दूसरे यात्रियों के काट दिए, इससे यात्रियों में झगड़ा हो गया। पहले सीट नंबर लेने वाले प्रदीप ने जब जाकर एडवांसर से बात की तो उन्होंने कहा कि उसने एक ही सीट नंबर दिया है। जब एडवांसर से उसका नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम रामफल बताया।
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उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर समय पर बसे नहीं चल रही और ड्यूटी सेक्शन के कर्मचारी ताला लगाकर चले गए हैं तो उनसे इस बारे में पूछताछ की जाएगी। विभाग की तरफ से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा रही है।
जयपाल राणा, जीएम हरियाणा रोडवेज करनाल
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