एमएलए साहब डॉक्टर सानू ठुड्डे (धक्के) मारदे ने, साडा गरीबां दा भी इलाज करवा दो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।एमएलए साहब। असी बडे गरीब बंदे हां, ऐथे सानू कोई नी पूछ रिया है, ना साडा इलाज हो रिहा, डॉक्टर नू इलाज दी कहंदे हां ते डॉक्टर सानू ठुड्डे मारदे नें। तुसी ऐ करोड़ों रपिया ला के इना वडा अस्पताल कादे वास्ते बणवाया ऐ। एत्थे ता इलाज नहीं हुंदा धक्के मिलदे ने, तुस्सी ही साड़ा इलाज करवा दो। अपनी यह व्यथा कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में सोमवार से दाखिल शेखुपुरा निवासी मरीज गुरमीत सिंह (65) ने रोते हुए घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण को सुनाई। विधायक कल्याण रविवार को मेडिकल कॉलेज में लगे एक रक्तदान शिविर में शिरकत करने पहुंचे थे। इसी दौरान मरीज को इसकी सूचना मिल गई। मरीज के भाई ने जाकर कल्याण को इसकी शिकायत की। विधायक ने तुरंत एमरजेंसी पहुंचकर मरीज से बातचीत की। मरीज गुरमीत सिंह ने रोते हुए विधायक को बताया कि 15 दिन से उसको खेत में घास काटते हुए इंफेक्शन हो गया है। इसके कारण बाजू की सारी चमड़ी गलनी शुरू हो गई है। वह इलाज के लिए यहां सोमवार को आए थे। डॉक्टरों को इलाज के लिए बोलते हैं तो डॉक्टर उन्हें धक्के मारते हैं। बड़ी मुश्किल से शुक्रवार को पट्टी करवाई है। इसके बाद दर्द हुआ तो उसने डॉक्टर को टीका लगाने की बात कही, लेकिन डॉक्टर ने उन्हे एक गोली तक नहीं दी। मरीज की बात सुनने के बाद विधायक ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को बुलाया और बातचीत की। डॉक्टर ने विधायक कल्याण को बताया कि गुरमीत को इंफेशन के कारण चमड़ी गल रही है। जिसकी प्लास्टिक सर्जरी होगी और मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा नहीं है। इसके लिए रोहतक या पानीपत जाना पड़ेगा। डॉक्टर की बात सुनकर मरीज ने कहा कि वह गरीब है उनके पास पैसे नहीं है और न ही देख रेख करने के लिए कोई है। इसलिए उनका इलाज यहीं करवाया जाए। इस पर विधायक ने डॉक्टर को निर्देश दिए कि पानीपत डॉक्टर से बात करके गुरमीत की प्लास्टिक सर्जरी वहां करवाओ। इसके बाद इलाज के लिए इन्हे यहीं दाखिल करें। जिसे डॉक्टर ने तुरंत करने का आश्वासन दिया। विधायक ने मरीज के भाई बलविंद्र सिंह का फोन नंबर ले लिया और कहा जब तक उनका इलाज होगा, वह उनसे बात कर पूछते रहेंगे।
चाहे तो चले जाओं नहीं तो पुलिस उठा के ले जाएगी
ट्रामा सेंटर में दाखिल मरीज गुरमीत के भाई बलविंद्र सिंह ने बताया कि उसके भाई गुरमीत की शादी नहीं हुई थी। इसलिए उसके परिवार में कोई भी नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर कभी उन्हें रोहतक, कभी चंडीगढ़ कभी खानपुर जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उनके पास पैसे न होने के कारण वह यहीं इलाज के लिए बोल रहे हैं। डॉक्टर इलाज नहीं करता। जब वह कहते हैं तो डॉक्टर कहते हैं या तो आराम से वह यहां से चले जांए , नहीं तो वह पुलिस को बुलाएंगे और पुलिस उन्हें उठाकर ले जाएगी। बलविंद्र ने कहा कि पुलिस का डर दिखाकर डॉक्टर उन्हें अस्पताल से बाहर निकालना चाहते हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मेडिकल कॉलेज में कोई भी सुविधा नहीं है।