करनाल। आने वाले सात दिनों के अंदर जिला प्रशासन के सभी अधिकारी अपने घरों में लगे बिजली के मीटर बाहर लगवाने की व्यवस्था करें, ताकि आम जनता के सामने प्रेरक उदाहरण पेश हो सके कि प्रदेश सरकार की नीति के तहत सभी के मीटर घरों से बाहर बाहर लगवाएं जा रहे हैं। यदि कोई अधिकारी एक सप्ताह के बाद तक भी अपना बिजली का मीटर बाहर नहीं लगवाएगा, तो बिजली वितरण निगम द्वारा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि अपने घरों के बिजली के मीटरों को बाहर लगवाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता ने बुधवार को पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक को संबोधित करते हुए दिए।
माइनिंग अधिकारी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
घरौंडा वासी सोहन लाल गुप्ता ने शिकायत में बताया कि वह माइनिंग विभाग में कई बार आरटीआई लगा चुका है, लेकिन खनन अधिकारी की ओर से कोई भी जवाब नहीं दिया गया। वहीं विभाग की कर्मचारी मंजू से जब उन्होंने 3 माह बीत जाने पर आरटीआई का जवाब देने के बारे में फोन पर बात की तो उसने कहा कि उनका जवाब तैयार है, लेकिन खनन अधिकारी माधवी गुप्ता के हस्ताक्षर होने बाकि हैं। प्रार्थी जब मंजू के कहने पर दफ्तर में गया तो उसे कई घंटे तक बिठाए रखा। इसके बाद भी उसे कोई भी जानकारी नहीं दी गई। वहीं सोहन लाल ने आरोप लगाया कि खनन अधिकारी माइन नंबर 4 से मिली हैं और सरकार के पास 110 करोड़ के लगभग की राशि जमा नहीं करवा रही है। अधिकारी ने एक आदमी के कहने पर 18 मार्च 2016 को माइन को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद 11 मार्च को माइन को दोबारा खेल दिया गया। माइन को लेकर खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस पर जवाब देते हुए खनन अधिकारी माधवी गुप्ता ने जवाब दिया कि उनकी तरफ से लगातार पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। माइन पर 146 करोड़ 21 लाख रुपये के लगभग बकाया है। इसकी पूरी रिपोर्ट डायरेक्टर माइन एंड ज्यूलॉजी विभाग के डायरेक्टर के पास है। इस पर सीपीएस ने डायरेक्टर का जवाब आने तक शिकायत को पेंडिंग रखने के आदेश दिए।
जमीन का करवाया था बीमा, नहीं मिली राशि
असंध वासी मंगल सिंह ने बताया कि उसने जमीन का बीमा करवाया था, लेकिन उसे सरकार की नीति अनुसार फसल के बीमे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस पर डीडीए ने बताया कि संबंधित फसल का सर्वे बीमा कंपनी द्वारा करवा दिया गया है। जितनी राशि होनी चाहिए उतनी बीमा कंपनी के सर्वे द्वारा नहीं दी जा रही है। सीपीएस ने कहा कि डीडीए स्वयं इसकी जांच करें और रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
एस्टीमेट तैयार हो गया, जल्द हटेगी लाइन
रामपुरा कटाबाग के रामकुमार ने कहा कि उनके घरों के ऊपर से जो बिजली की तारे जाती है, उन्हें हटवाया जाए। इस पर कार्यकारी अभियंता एसके मक्कड़ ने कहा कि संबंधित कार्य के लिए एस्टीमेट बनाया गया है, जोकि प्रार्थी को जमा करवानी होगी। इस पर सीपीएस ने कहा कि राशि किस्तों में ले लेना। इस पर शिकायतकर्ता मान गए।