माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के 40 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत मॉडल बनाया जाएगा। यहां ग्राम सचिवालय, व्यायामशाला, शिवधाम और फिरनी बनेगी। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, स्कूल व ई-लाइब्रेरी, तालाब, सीवरेज नेटवर्क की सुविधा भी होगी। परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को जिला परिषद के सभागार में मुख्यालय व जिले के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि उन्होंने योजना के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विकसित हरियाणा के संकल्प के तहत पायलट प्रोजेक्ट में पहले 40 गांव चुने गए हैं। इसके लिए बजट सरकार और जगह ग्राम पंचायत को देनी होगी। उन्होंने कहा कि जिले के शत-प्रतिशत गांवों में ये सभी सुविधाएं देने का लक्ष्य है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले चरण के गांवों में सभी कार्य धरातल पर नजर आए और लोगों को सुविधाओं का लाभ मिले।
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19 करोड़ का बजट जारी
बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ गांवों में परियोजना के तहत पहले से सुविधा भी है और कुछ में कार्य प्रगति पर है। शेष परियोजनाओं के लिए अनुमानित लागत की स्वीकृति व बजट के मुख्यालय भेजा गया है। इस पर केंद्रीय मंत्री कहा कि हाल ही में सरकार ने करीब 19 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। अधिकारियों से कहा कि मुख्यालय स्तर पर विकास कार्यों की जो भी फाइल लंबित है, उसे एक सप्ताह में पूरा करें। हर गांव के लिए कितना बजट मिला, कितना मांगा गया था, कितना खर्च किया जाना था और कितना खर्च किया, यह रिपोर्ट आगामी बैठक में लेंगे।
ये हैं 40 गांव
40 गांव पायलट प्रोजेक्ट के तहत मॉडल गांव के रूप में विकसित होंगे। इनमें शामगढ़, संधीर, कुंजपुरा, बड़ागांव, काछवा, कोहंड, कैमला, मुनक, सालवन, निगदू, गोंदर, सग्गा, बरास, डाचर, भादसो, संगोहा, दरड़, ब्याना, गढ़ीबीरबल, जरीफाबाद, कमालपुरा, कुटेल, बड़सत, अराईंपुरा, गगसीना, मोहिद्दीनपुर, बल्ला, जुंडला, राहड़ा, अरडाना, जलमाना, रंबा, बड़ौता, कालरम, ऊंचा समाना, गोहिदा, सांभली, पुंडरक, खेड़ी मानसिंह व पिंगली शामिल हैं।