कुटेल में बन रही पंडित दीन दयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए रास्ता फाइनल कर लिया गया है। यह जीटी रोड से गांव ऊंचा समाना की सड़क से होते हुए यूनिवर्सिटी पहुंचेगा। पिछले चार साल से यह मामला अटका हुआ था। उम्मीद जताई जा रही है कि अब यह प्रोजेक्ट गति पकड़ेगा। गांव कुटेल की ग्राम पंचायत द्वारा 110 एकड़ जमीन मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए दी गई है।
पिछले कार्यकाल में सीएम बनने के बाद मनोहर लाल ने करनाल के लिए बड़ी घोषणा की थी। उस समय दावे किए गए थे कि मेडिकल यूनिवर्सिटी को जल्द चालू कराया जाएगा, लेकिन तमाम प्रयास करने के बावजूद जीटी रोड से यूनिवर्सिटी तक जाने के लिए रास्ता नहीं मिल पाया था। इसको लेकर कई बार आसपास के किसानों से भी बात की गई, लेकिन अधिग्रहण को लेकर विवाद बढ़ता गया। अब इस मामले को लेकर एसीएस आलोक निगम, डीसी करनाल निशांत यादव और कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक व यूनिवर्सिटी के नोडल आफिसर डा. जगदीश दुरेजा की बैठक में यह फैसला लिया गया।
यूनिवर्सिटी कम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने की तैयारी
कुटेल में बन रही पंडित दीन दयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी कम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भी संचालन करेगी। यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद न केवल मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा, बल्कि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हजारों की संख्या में छात्रों को इसका सीधा लाभ होगा। यहां पर करीब 700 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाना है। कुटेल में बनने वाली यूनिवर्सिटी में कॉर्डियोलॉजी, कार्डिक सर्जरी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी, जीआइ सर्जरी, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, हेपोटोलॉजी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी व एनेस्थीसिया जैसे विषयों में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई और अनुभव लिया जा सकेगा। हालांकि, यहां पर सुपर स्पेशलिटी यूनिवर्सिटी में मेडिसिन, आर्थो, गायनी, सर्जरी जैसे विभाग नहीं होंगे। इन विभागों में इलाज के लिए कल्पना चावला जाना होगा।
बिना स्पेशलिटी के लिए कैसे चलेगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
प्रोजेक्ट को लेकर अब ये सवाल भी उठने लगा है कि आखिर बिना स्पेशलिटी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कैसे चल पाएगा। क्योंकि फिलहाल स्पेशलिटी सेवाएं कल्पना चावला मेडिकल कालेज में हैं, इसके विपरीत गंभीर मरीजों को कुटेल यूनिवर्सिटी में बनने वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भेजा जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के सिर में चोट आती है तो उसका इलाज न्यूरोसर्जन करेगा, उसी व्यक्ति के पैर में दिक्कत है तो उसको इलाज के लिए फिर कल्पना चावला भेजा जाएगा। ऐसे में मरीज को कुटेल यूनिवर्सिटी और कल्पना चावला मेडिकल कालेज के चक्कर लगाने होंगे। दूसरा, कल्पना चावला में एमआरआई से लेकर एक्सरे और सीटी स्कैन की सुविधा है, जबकि नये के लिए ये सब खर्च दोबारा से करने होंगे। ऐसे में 15 किलोमीटर के बीच में दो बड़े अस्पताल हो जाएंगे।
कल्पना चावला में ही बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
शहर के समाजसेवी देवेंद्र सचदेवा और कार्तिक गांधी का कहना है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कालेज में ही बनाया जाए। इससे एक लाभ तो ये होगा कि यह अस्पताल शहर के बीच में होगा और मरीज को जल्द इलाज मिल सकेगा। कुटेल यूनिवर्सिटी जाने के लिए काफी समय लगेगा, क्योंकि गंभीर मरीज के लिए एक एक मिनट काफी होती है। दूसरा इसके पीछे तर्क दिया है कि कोई भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चलाने के लिए बेसिक विभाग भी चाहिए होते हैं। कुटेल में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने में सरकार का खर्च भी ज्यादा आएगा।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में जाने के लिए जीटी रोड से रास्ता फाइनल कर लिया गया है। एसीएस के साथ हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि ऊंचा समाना गांव जाने वाले मार्ग से होते हुए साइड में से सड़क निकाली जाएगी, जो विश्वविद्यालय तक पहुंचेगी। जीटी रोड से इसकी दूरी 2.6 किलोमीटर पड़ती है। यह काफी समय से पेंडिंग चल रहा था, अब उम्मीद है कि इसके बाद से यह प्रोजेक्ट गति पकड़ेगा। जहां तक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कालेज में बनाने की बात है तो इसको लेकर एक प्रस्ताव आया है, लेकिन अभी इस पर कोई फाइनल निर्णय नहीं लिया गया है। अभी भी यूनिवर्सिटी में ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाना प्रस्तावित है। -निशांत यादव, डीसी करनाल।