संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिस सड़क से होकर रोज कम से कम एक हजार मरीज गुजरते हैं, उस पर 36 गड्ढे हैं। इनमें से दो की गहराई छह इंच से ज्यादा है। इनमें मरीजों के वाहन और एंबुलेंस पलटने का खतरा रहता है। बारिश में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। एक किलोमीटर लंबी यह सड़क कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामने वाली कर्ण पार्क तक जाती है। पांच साल से इसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है।
यह हाल तब हैं जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आदेश मानसून आने से पहले 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर देने का है। इस आदेश के बावजूद अफसरों ने इस सड़क पर ध्यान ही नहीं दिया है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के सामने से ये सड़क सीधे दयाल सिंह कॉलेज की दीवार तक जाती है। वहां से मुड़कर बस स्टैंड रोड पर कर्ण पार्क तक जाती है। मेडिकल कॉलेज से चलते ही कुछ दूर तक तो सड़क ठीक है लेकिन इसके बाद गड्ढे शुरू हो जाते हैं।
दयाल सिंह कॉलेज से कर्ण पार्क की ओर चलते ही मोड़ पर एक गहरा गड्ढा है, जिसकी लंबाई करीब डेढ़ फुट और गहराई करीब छह इंच है। सड़क पर गड्ढों की गिनती की गई तो संख्या 36 निकली। इस मार्ग पर 12 अस्पताल, तीन मेडिकल स्टोर और एक कालेज है। 12 अस्पतालों की ओपीडी में रोज एक लगभग एक हजार मरीज आते हैं। गड्ढों की वजह से वाहन रेंगकर चलते हैं। आए दिन वाहन पलट जाने की घटनाएं होती हैं। कालेज की छुट्टी के समय रोज ट्रैफिक जाम हो जाता है।