शिक्षा नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में होने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के दाखिलों के विरोध में अब प्रदेशभर के निजी स्कूल एकजुट हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इस नियम को काला कानून बताकर इस पर विरोध जताया है तथा पिछले वर्ष की बकाया राशि निजी स्कूलों को न देने व गलत तरीके से फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर 134-ए में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर छह मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
134-ए का पहला ड्रा पांच मई को निकाला जाना है, लेकिन इससे पहले ही बुधवार को ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड से संबंधित निजी स्कूलों के संचालकों ने एक बैठक बुलाकर छह मई से सरकार के इस फैसले के विरोध में अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। एचबीएसई बोर्ड से संबंधित निजी स्कूल एसोसिशन के प्रधान लाभ सिंह लाठर व सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन के प्रधान आरएस विर्क की अध्यक्षता में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक प्रताप पब्लिक स्कू ल में हुई। बैठक शाम को पांच बजे से शुरू होकर साढे़ छह बजे तक चली।
इसमें जिलेभर के निजी स्कूलाें के करीब 50 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आरएस विर्क ने बताया कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष निजी स्कूलों में दाखिल हुए बच्चों की ट्यूशन फीस जमा नहीं करवाई है। इसके अलावा इस वर्ष जिन बच्चों ने 134-ए के तहत आवेदन किया है, उनमें से ज्यादातर बच्चों के अभिभावकों ने फर्जी तरीके से आय प्रमाण पत्र बनवाए हैं। लेकिन प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
करनाल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पीआरओ राजन लांबा ने बताया कि सरकार द्वारा करनाल को एनसीआर कटेगरी में शामिल कर स्कूली बसों की लाइफ 15 से घटाकर 10 वर्ष कर दी है। जबकि शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अभी तक पिछले वर्ष के 134-ए के बच्चों की ट्यूशन फीस भी जमा नहीं करवाई हैं। उन्होंने कहा कि अब जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करेगी तक जिले के सभी प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।