इंद्री। खंड की 32 पूर्व पंचायतों की ओर से स्टॉक रजिस्टर में अधिक सामान दिखाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। इसका खुलासा वर्ष 2020-21 और 2021-22 की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार सरपंचों की ओर से स्टॉक रजिस्टर में दर्शाया गया सामान भौतिक रूप से मौजूद ही नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सरपंचों के पास लाखों रुपये की नकदी भी बकाया थी, जो उन्होंने प्रशासक के पास जमा नहीं करवाई। ऐसा कर सरपंचों ने 1.35 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया है। विभाग की ओर से गबन की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इस मामले में बीडीपीओ ने सरपंचों को नोटिस भेजकर जल्द गबन की हुई राशि रिकवर करने की बात कही है। संवाद
61,13,526 रुपये की नकदी भी नहीं लौटाई
फरवरी 2021 में सरपंचों का कार्यकाल पूरा हो गया था। लिहाजा सरपंचों की ओर से स्टॉक रजिस्टर एवं अपने पास मौजूद नकदी प्रशासक को सौंपनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार खंड की 18 पंचायतों ने 61,13,526 रुपये की राशि गबन की है।
ग्राम सचिव ने भी डकारी पट्टे की राशि
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार गढ़ी बीरबल के ग्राम सचिव पर भी 1,58,500 रुपये की राशि का गबन करने का आरोप है। यह राशि वर्ष 2020-21 में हुई जमीन के पट्टे की राशि थी। ऑडिट के दौरान खुलासा हुआ कि पट्टे से प्राप्त राशि की ग्राम सचिव द्वारा कैश बुक में एंट्री ही नहीं की गई थी।
मामले की हुई जांच तो पंचायत सचिवों पर भी गिरेगी गाज
एडवोकेट राजेश कौशिक का कहना है कि सरपंच द्वारा काटे गए सभी बैंक चेक पर ग्राम सचिवों के भी हस्ताक्षर होते हैं। यानी सरपंच और ग्राम सचिव दोनों के पास डीडी शक्ति होती है। सरपंच द्वारा किए गए गबन में ग्राम सचिव की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि मामले की जांच हुई तो ग्राम सचिव पर भी गाज गिर सकती है।
रिकवरी के लिए जल्द भेजेंगे नोटिस
ऑडिट विभाग की ओर से सरपंचों द्वारा 1,35,42,790 रुपये की राशि गबन करने का पत्र भेजा गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए जल्द संबंधित तत्कालीन सरपंचों को रिकवरी के नोटिस भेजे जाएंगे। यदि उन्होंने राशि जमा नहीं करवाई तो आगामी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। - साहब सिंह, बीडीपीओ, इंद्री