अमर उजाला ब्यूरो
निसिंग (करनाल)। गीता मनीषी एवं महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि देशी नस्ल की गाय भारतीयों को आस्था रखनी चाहिए। विज्ञान भी मानने लगा है कि देशी नस्ल की गाय के दूध व मूत्र से रोगों की निवृति होती है। उन्होंने कहा कि हमारे धर्म के सभी देवी देवता गौ माता में रमकर अपने सौभाग्य समझते है। गीता मनिषी महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज श्री राधा कृष्ण आर्दश गौशाला मद्भागवत के आयोजन में श्रद्धालुओं को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि गौ सेवा केे लिए विभिन्न साधन जुटाए गए हैं। गोभक्तों ने संध्या फेरी व घर-घर जाकर अलख जगाई। उन्होंने कहा कि गोमूत्र में मां गंगा का निवास है। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि देश में गीता से सर्वोपरी कोई ग्रंथ नहीं है। भारत का भविष्य गीता ,गंगा व गांवों को बचाने पर बना रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को आह्वान किया कि गौ सेवा व गीता पाठ नित्य नियम से मंत्र जाप करना चाहिए, ताकि हमारी पुरानी परंपरा बनी रहे। इस मौके पर मोहित गर्ग, प्रवीन गोयल, राजकुमार गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे।