अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। यूको बैंक ने छोटे एवं सीमांत किसानों को कृषि से संबंधित गतिविधियों में व्यक्तिगत स्तर के बजाय कृषि उत्पादक संगठन बनाकर सामूहिक रूप से कार्य करने के उद्देश्य से अपने अंचल कार्यालय में एक सेमिनार का आयोजन किया। यूको बैंक के मुख्य प्रबंधक वीके शर्मा ने बताया कि यह किसानों द्वारा ग्रुप बनाकर नकदी एवं सब्जियों की फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार का सब्सिडी से जुड़ा हुआ बैंकों द्वारा कम दर पर वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला कार्यक्रम है। इससे कृषि एक लाभप्रद उद्यम बन सके। हरियाणा सरकार भी अपने क्रोप क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत सहायता प्रदान कर रही है। इस सेमिनार में यूको बैंक, प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक रशपाल सिंह, अंचलप्रमुख आईएस तुलसी, अंचल की विभिन्न शाखाओं के शाखा प्रबंधक और हरियाणा के विभिन्न कृषि उत्पादक संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय निदेशक, वेजीटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, पुनीत सिंह थींड ने अनाज की फसलों की पैदावार में कृषि की पारंपरिक गतिविधियों की बजाय विविधीकरण पर जोर दिया। एसएपीएल के निदेशक सुखाविंदर सिंह खटरा नेसब्जियों की फसलों के क्रय-विक्रय में कृषि उत्पादक संगठन बनाकर मोल-भाव द्वारा तय की गई दरों की संभाव्यता को विस्तारपूर्वक बताया।